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शुक्र गोचर 2020 - Shukra Gochar 2020


ग्रह गोचर में छटठा स्थान शुक्र ग्रह का है। शुक्र ग्रह हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार दैत्यगुरु के रूप में भी जाने जाते हैं | ग्रह गोचर में शुक्र को जीवन का कारक ग्रह भी माना गया है। राशि मंडल में शुक्र दो राशियों के स्वामी है। पहली राशि वृष और दूसरी तुला राशि। यदि हम शुक्र के गोचर की बात करें, तो वे मात्र 23 दिन में एक राशि अर्थात 30 डिग्री का भोग (भ्रमण) कर लेते हैं । एवं शुक्र क़रीब 276 दिनों में बारह राशि मंडल का भ्रमण कर लेते हैं । ग्रह गोचर के अनुसार शुक्र ख़ास कर के तकनीकि कार्यों के कारक भी माने जाते हैं, इसके साथ ही संबंध, संगीत, काव्य, स्त्री, और साज सज्जा आदि के कारक भी हैं।

शुक्र गोचर अवस्था

शनि एवं बुध ग्रह शुक्र के परम मित्र हैं, इनकी राशियों में तथा इनके साथ युति में (साथ में होना) शुक्र का फल बहुत ही शुभ होता है। रवि और चंद्र शुक्र के शत्रु हैं। इन की राशियों में और इन के साथ युति करने पर शुक्र का प्रभाव शुभ नहीं माना जाता है।मंगल एवं बृहस्पति के साथ शुक्र ग्रह के सामन्य संबंध हैं। इनके साथ युति और इन की राशियों में शुक्र का प्रभाव सामान्य रहता है। शुक्र ग्रह मीन राशि में 22 डिग्री तक परम उच्च अवस्था में होते हैं। इस समय शुक्र का सबसे प्रभावी शुभ फल होता है तथा कन्या राशि में 27 डिग्री तक शुक्र नीचस्थ होते हैं जो की शुभ फलदायी नहीं माना जाता है।

मित्र सम शत्रु उच्च नीच स्वराशि कारक राशि परिवर्तन समय
शनि, बुध मंगल, गुरु सूर्या, चन्द्र मीन 27° कन्या 27° वृष, तुला सम्बन्ध 23 दिन

शुक्र गोचर प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र जीवन तथा ऊर्जा शक्ति को देने वाला बताया गया है यदि किसी व्यक्ति की पत्रिका में शुक्र शुभ अवस्था में है, तो उस व्यक्ति का रंग बहुत ही अच्छा होगा। छठें स्थान में शुक्र का प्रभाव निष्फल बताया जाता है एवं सातवें स्थान में अनिष्ट कारक बताया गया है। दिन में जन्म होने पर, शुक्र से माता के विषय में भी विचार किया जाता है। सभी प्रकार के वैभव और सांसारिक सुखों का विचार भी शुक्र ग्रह से ही किया जाता है। आइये जानते हैं की कब और किस राशि में शुक्र ग्रह का राशि परिवर्तन हो रहा हैं। शुक्र ग्रह का गोचर आपकी राशि पर क्या परिवर्तन लायेगा। जानिए सम्पूर्ण जानकारी शुक्र ग्रह के राशि परिवर्तन को लेके।

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ग्रह शुक्र का राशि परिवर्तन 2020 तिथि व समय

शुक्र का राशि परिवर्तन तिथि समय
धनु से मकर राशि में मंगलवार, 15 दिसंबर, 2020 5:57 PM
मकर से कुम्भ राशि में बुधवार, 08 जनवरी, 2020 4:22 AM
कुम्भ से मीन राशि में रविवार, 02 फरवरी, 2020 2:17 AM
मीन से मेष राशि में शुक्रवार, 28 फरवरी, 2020 1:32 AM
मेष से वृष राशि में शनिवार, 28 मार्च, 2020 3:38 PM
वृष, वक्री बुधवार, 13 मई, 2020 12:12 PM
वृष, मार्गी गुरुवार, 25 जून, 2020 12:18 PM
वृष से मिथुन राशि में शनिवार, 01 अगस्त, 2020 5:09 AM
मिथुन से कर्क राशि में मंगलवार, 01 सितंबर, 2020 2:02 AM
कर्क से सिंह राशि में सोमवार, 28 सितंबर, 2020 1:01 AM
सिंह से कन्या राशि में शुक्रवार, 23 अक्टूबर, 2020 10:44 AM
कन्या से तुला राशि में सोमवार, 16 नवंबर, 2020 1:01 AM
तुला से वृश्चिक राशि में शुक्रवार, 11 दिसंबर, 2020 5:16 AM
वृश्चिक से धनु राशि में सोमवार, 04 जनवरी, 2021 5:04 AM
धनु से मकर राशि में गुरुवार, 28 जनवरी, 2021 3:29 AM
मकर से कुम्भ राशि में रविवार, 21 फरवरी, 2021 2:21 AM
मीन से मेष राशि में बुधवार, 03 मार्च, 2021 3:00 AM
मेष से वृष राशि में शनिवार, 10 अप्रैल, 2021 6:28 AM
मंगल गोचर

मंगल गोचर 2020

मंगल ग्रह ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ग्रह गोचर में अपना तीसरा स्थान रखते हैं। मंगल ग्रह को भौम या भूमिपुत्र भी कहा गया है। मंगल अग्नि तत्व और क्रोध के देवता....

बुध गोचर

बुध गोचर 2020

ग्रह गोचर में बुध ग्रह का स्थान चतुर्थ स्थान पर आता है। बुध को ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुद्धि का तथा प्रखरता का स्वामी माना जाता है। पौराणिक शास्त्रों....

बृहस्पति गोचर

बृहस्पति गोचर 2020

गोचर में बृहस्पति ग्रह को ज्ञान का देवता कहा गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति, ग्रह मंडल में मुख्य ग्रह के रूप में माने जाते है। वह विद्वता और....

शनि गोचर

शनि गोचर 2020

गृह गोचर में शनि ग्रह का क्रम सातवें स्थान पर आता है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार शनि, सूर्य के पुत्र हैं। इसके साथ ही शनि को न्याय का देवता भी कहा जाता है। शनि का रंग....

राहु गोचर

राहु गोचर 2020

ग्रह गोचर में राहु का क्रमांक आठवें स्थान पर आता है। राहु ग्रह को बल कारक भी माना जाता है। इसके साथ ही मति भ्रामकता का भी एक कारण राहु ग्रह को....

केतु गोचर

केतु गोचर 2020

ग्रह गोचर के क्रम अनुसार केतु का स्थान नवाँ हैं। केतु को कृष्ण वर्ण वाला ग्रह माना जाता है। साथ ही केतु की आकृति ध्वजा के जैसी मानी जाती है। केतु को ....

सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण 2020

ग्रह गोचर में सूर्य ग्रहण को एक आश्चर्यजनक खगोलीय घटना मानी जाती है। सूर्य ग्रहण गोचर कि वह स्थिति है, जिसको कि हम लोग अपनी आँखों के माध्यम....

सूर्य गोचर

सूर्य गोचर 2020

सूर्य ग्रह, ग्रहों में अपना सबसे पहला स्थान रखते हैं। तो यदि हम ग्रह गोचर की बात करें तो विशेषकर सूर्य 14 अप्रैल से लेकर 15 मई के बीच....

चंद्र ग्रहण

चंद्र ग्रहण 2020

ग्रह गोचर में सूर्य और चंद्र के बीच जब पृथ्वी आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्र ग्रहण के ऊपर पड़ती है तो चंद्र ग्रहण का परिदृश्य सामने होता है। यह एक अद्भुत....

चंद्र गोचर

चंद्र गोचर 2020

ग्रह गोचर में चंद्र ग्रह कि बहुत ही बड़ी भूमिका मानी जाती है। भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र नवग्रहों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। वेद शास्त्रों में....

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