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सूर्य गोचर 2020 - Planet Sun Transit 2020


सूर्य ग्रह, ग्रहों में अपना सबसे पहला स्थान रखते हैं। तो यदि हम ग्रह गोचर की बात करें तो विशेषकर सूर्य 14 अप्रैल से लेकर 15 मई के बीच सूर्य मेष राशि में गोचर करते हैं। मेष राशि में सूर्य 10 डिग्री तक उच्च की अवस्था में रहते हैं। क्रमशा इसी प्रकार से वृष राशि में मिथुन राशि में कर्क राशि सिंह राशि कन्या राशि तुला वृश्चिक धनु मकर कुंभ और 15 मार्च से लेकर के 14 अप्रैल तक सूर्य ग्रह मीन राशि में गोचर करते हैं। सूर्य हमारे सौर मंडल में जो कुल 365 डिग्री का वृत्त है। उस पर हर महीने 30 डिग्री भ्रमण करते हुए पूरा एक साल गोचर करते हैं। सूर्य के द्वारा तय की गई अवधि को ही हमारा एक बर्ष माना गया है। गोचर की बात करें तो मेष राशि में सूर्य उच्च के होते हैं और उस समय उनका प्रभाव बहुत ही अच्छा माना जाता है।

सूर्य गोचर अवस्था व प्रभाव

तुला राशि में सूर्य नीचस्थ माने जाते हैं। उस समय सूर्य का प्रभाव अच्छा नहीं माना जाता है। इसी प्रकार से सिंह राशि क्योंकि वह सूर्य की अपनी राशि है उसमें भी उनका प्रभाव बहुत ही शुभ माना गया है। मकर राशि में सूर्य का प्रभाव बहुत ही अच्छा माना जाता है, अपने गृह मंडल में भ्रमण करते वे गोचर करते हुए जो उनके मित्र ग्रह हैं। जैसे कि मंगल चन्द्रमा बृहस्पति बुध इन ग्रहों की राशियों में सूर्य का प्रभाव गोचर में बहुत ही शुभ होता है। साथ ही शुक्र की राशि में जब गोचर करेंगे तो थोड़ा विपरीत प्रभाव भी होता है। सूर्य ज्योतिष शास्त्र में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार से सूर्य आत्मा के आधीपति ग्रह, इसके साथ ही आत्मविश्वास, उर्जा और पिता आदि के कारक ग्रह माने जाते है। संसार मौसम चक्र का चलना भी सुर्य के कारण ही होता है। जब सूरज मकर राशि में प्रवेश करते है तो उत्तरायण, और जब कर्क राशि में प्रवेश करते है तो दक्षिणायन होता है। जिसके कारण ऋतुओं में परिवर्तन होता है। जन्मपत्रिका का में सूर्य ग्रह से विभिन्न प्रकार के राजयोग बनते है। राजयोगों का लाभ भी सूर्य की अच्छी स्थिति से ही मिल पाता है। ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से सूर्य क्रूर ग्रहों की श्रेणी में आते है। परन्तु अच्छे ग्रहों के सम्पर्क में सूर्य का प्रभाव हमेशा अच्छा ही माना जाता है।

मित्र सम शत्रु उच्च नीच स्वराशि कारक राशि परिवर्तन समय
चन्द्र, मंगल, गुरु बुध शनि, शुक्र मेष 10° तुला 10° सिंह लग्न 30 दिन

आइये जानते हैं की कब और किस राशि में सूर्य ग्रह का राशि परिवर्तन हो रहा हैं। सूर्य ग्रह का गोचर आपकी राशि पर क्या परिवर्तन लायेगा? यहाँ आपको सूर्य ग्रह के गोचर से सम्बन्धी सभी जानकारी प्राप्त हो जाती है।

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ग्रह सूर्य राशि परिवर्तन 2020 तिथि व समय

सूर्य तिथि समय
वृश्चिक से धनु राशि में सोमवार, 16 दिसंबर, 2019 03:27 PM
धनु से मकर राशि में मंगलवार, 14 जनवरी, 2020 02:07 AM
मकर से कुम्भ राशि में गुरुवार, 13 फरवरी, 2020 03:03 PM
कुम्भ से मीन राशि में शनिवार, 14 मार्च, 2020 11:53 AM
मीन से मेष राशि में सोमवार, 13 अप्रैल, 2020 08:23 PM
मेष से वृष राशि में गुरुवार, 14 मई, 2020 05:16 PM
वृष से मिथुन राशि में रविवार, जून 14, 2020 11:53 PM
मिथुन से कर्क राशि में गुरुवार, 16 जुलाई, 2020 10:46 AM
कर्क से सिंह राशि में रविवार, 16 अगस्त, 2020 07:10 PM
सिंह से कन्या राशि में बुधवार, 16 सितंबर, 2020 07:07 PM
कन्या से तुला राशि में शनिवार, 17 अक्टूबर, 2020 07:05 AM
तुला से वृश्चिक राशि में सोमवार, 16 नवंबर, 2020 06:53 AM
वृश्चिक से धनु राशि में मंगलवार, 15 दिसंबर, 2020 09:31 PM
धनु से मकर राशि में गुरुवार, 14 जनवरी, 2021 08:14 AM
मकर से कुम्भ राशि में शुक्रवार, 12 फरवरी, 2021 09:11 PM
कुम्भ से मीन राशि में रविवार, 14 मार्च, 2021 06:03 PM

मंगल गोचर

मंगल गोचर 2020

मंगल ग्रह ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ग्रह गोचर में अपना तीसरा स्थान रखते हैं। मंगल ग्रह को भौम या भूमिपुत्र भी कहा गया है। मंगल अग्नि तत्व और क्रोध के देवता....

बुध गोचर

बुध गोचर 2020

ग्रह गोचर में बुध ग्रह का स्थान चतुर्थ स्थान पर आता है। बुध को ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुद्धि का तथा प्रखरता का स्वामी माना जाता है। पौराणिक शास्त्रों....

बृहस्पति गोचर

बृहस्पति गोचर 2020

गोचर में बृहस्पति ग्रह को ज्ञान का देवता कहा गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति, ग्रह मंडल में मुख्य ग्रह के रूप में माने जाते है। वह विद्वता और....

शुक्र गोचर

शुक्र गोचर 2020

ग्रह गोचर में छटठा स्थान शुक्र ग्रह का है। शुक्र ग्रह हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार दैत्यगुरु के रूप में भी जाने जाते हैं | ग्रह गोचर में शुक्र को जीवन का कारक ग्रह ....

शनि गोचर

शनि गोचर 2020

गृह गोचर में शनि ग्रह का क्रम सातवें स्थान पर आता है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार शनि, सूर्य के पुत्र हैं। इसके साथ ही शनि को न्याय का देवता भी कहा जाता है। शनि का रंग....

राहु गोचर

राहु गोचर 2020

ग्रह गोचर में राहु का क्रमांक आठवें स्थान पर आता है। राहु ग्रह को बल कारक भी माना जाता है। इसके साथ ही मति भ्रामकता का भी एक कारण राहु ग्रह को....

केतु गोचर

केतु गोचर 2020

ग्रह गोचर के क्रम अनुसार केतु का स्थान नवाँ हैं। केतु को कृष्ण वर्ण वाला ग्रह माना जाता है। साथ ही केतु की आकृति ध्वजा के जैसी मानी जाती है। केतु को ....

सूर्य गोचर

सूर्य गोचर 2020

सूर्य ग्रह, ग्रहों में अपना सबसे पहला स्थान रखते हैं। तो यदि हम ग्रह गोचर की बात करें तो विशेषकर सूर्य 14 अप्रैल से लेकर 15 मई के बीच....

चंद्र ग्रहण

चंद्र ग्रहण 2020

ग्रह गोचर में सूर्य और चंद्र के बीच जब पृथ्वी आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्र ग्रहण के ऊपर पड़ती है तो चंद्र ग्रहण का परिदृश्य सामने होता है। यह एक अद्भुत....

चंद्र गोचर

चंद्र गोचर 2020

ग्रह गोचर में चंद्र ग्रह कि बहुत ही बड़ी भूमिका मानी जाती है। भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र नवग्रहों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। वेद शास्त्रों में....

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