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राहु गोचर 2020 - Rahu Gochar 2020


ग्रह गोचर में राहु का क्रमांक आठवें स्थान पर आता है। राहु ग्रह को बल कारक भी माना जाता है। इसके साथ ही मति भ्रामकता का भी एक कारण राहु ग्रह को ही माना जाता है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार राहु ग्रह असुर जाति से उत्पन्न है तथा असुर कुल में उत्पन्न होने के कारण राहु बहुत ही क्रोधी, भयानक, और दुष्प्रभावी गुण वाले है। राहु ग्रह कृष्ण वर्ण तथा दक्षिण दिशा के स्वामी भी मानें जाते है। राहु जिस कुंडली भाव में गोचर करते है उस भाव विशेष में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। ज्योतिष गणित शास्त्र के अनुसार राहु ग्रह का कोई भी भौतिक स्वरूप नहीं है। राहु ग्रह कों सूर्य और चंद्र की छाया से उत्पन्न होना माना जाता है तथा रशिमंडल में एक प्रकार का चुम्बकीय क्षेत्र का निर्माण करता है और समस्त ब्रह्मांड को प्रभावित करता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार से राहु बहुत ही प्रभावी ग्रह है।

राहु गोचर अवस्था व प्रभाव

राशि चक्र में राहु को किसी भी राशि का स्वामी नहीं माना गया है। राहु ग्रह एक राशि को अर्थात 30 डिग्री को 18 महीने के अंतर्गत भ्रमण करते हैं, जिसके अनुसार सम्पूर्ण राशि चक्र को भ्रमण करने में राहु को क़रीब 18 वर्षों का समय लग जाता है। गोचर के अनुसार राहु ग्रह के शनि, बुद्ध, शुक्र मित्र ग्रह हैं, इनके साथ युति करने पर या फिर इनकी राशियों में राहु का प्रभाव सकारात्मक माना गया है। इसके साथ ही बृहस्पति को राहु का सामान्य माना जाता है, इनके साथ युति में और इनकी राशियों में राहु का प्रभाव सामान्य ही होता है। सूर्य, चन्द्र, मंगल राहु के परम शत्रु हैं। इनकी राशियों में या फिर इनके साथ युति में राहु का प्रभाव नकारात्मक माना जाता है। राहु गृह मेष, वृष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, कुंभ, एवं दशम स्थान में बलवान माना जाता है। इसके साथ ही वृष राशि में राहु को परम उच्च माना जाता है। जब राहु श्रेष्ठ फल प्रदान करता है एवं वृश्चिक राशि में राहु का प्रभाव दोष कारक माना जाता है। आजकल राहुकाल की भी बड़ी मान्यता है , राहुकाल में कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।

मित्र सम शत्रु उच्च नीच स्वराशि कारक राशि परिवर्तन समय
शनि, बुध, शुक्र गुरु सूर्या, चन्द्र, मंगल वृष वृश्चिक - भ्रामकता 18 माह

आइये जानते हैं की कब और किस राशि में राहु ग्रह का राशि परिवर्तन हो रहा हैं। राहु ग्रह का गोचर आपकी राशि पर क्या परिवर्तन लायेगा? जानिए सम्पूर्ण जानकारी राहु ग्रह के राशि परिवर्तन को लेके।

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ग्रह राहु राशि परिवर्तन 2020 तिथि व समय

राहु का राशि परिवर्तन तिथि समय
मेष से वृष राशि में गुरुवार, 23 सितंबर, 2021 12:52 PM
मंगल गोचर

मंगल गोचर 2020

मंगल ग्रह ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ग्रह गोचर में अपना तीसरा स्थान रखते हैं। मंगल ग्रह को भौम या भूमिपुत्र भी कहा गया है। मंगल अग्नि तत्व और क्रोध के देवता....

बुध गोचर

बुध गोचर 2020

ग्रह गोचर में बुध ग्रह का स्थान चतुर्थ स्थान पर आता है। बुध को ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुद्धि का तथा प्रखरता का स्वामी माना जाता है। पौराणिक शास्त्रों....

बृहस्पति गोचर

बृहस्पति गोचर 2020

गोचर में बृहस्पति ग्रह को ज्ञान का देवता कहा गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति, ग्रह मंडल में मुख्य ग्रह के रूप में माने जाते है। वह विद्वता और....

शुक्र गोचर

शुक्र गोचर 2020

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शनि गोचर

शनि गोचर 2020

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केतु गोचर

केतु गोचर 2020

ग्रह गोचर के क्रम अनुसार केतु का स्थान नवाँ हैं। केतु को कृष्ण वर्ण वाला ग्रह माना जाता है। साथ ही केतु की आकृति ध्वजा के जैसी मानी जाती है। केतु को ....

सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण 2020

ग्रह गोचर में सूर्य ग्रहण को एक आश्चर्यजनक खगोलीय घटना मानी जाती है। सूर्य ग्रहण गोचर कि वह स्थिति है, जिसको कि हम लोग अपनी आँखों के माध्यम....

सूर्य गोचर

सूर्य गोचर 2020

सूर्य ग्रह, ग्रहों में अपना सबसे पहला स्थान रखते हैं। तो यदि हम ग्रह गोचर की बात करें तो विशेषकर सूर्य 14 अप्रैल से लेकर 15 मई के बीच....

चंद्र ग्रहण

चंद्र ग्रहण 2020

ग्रह गोचर में सूर्य और चंद्र के बीच जब पृथ्वी आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्र ग्रहण के ऊपर पड़ती है तो चंद्र ग्रहण का परिदृश्य सामने होता है। यह एक अद्भुत....

चंद्र गोचर

चंद्र गोचर 2020

ग्रह गोचर में चंद्र ग्रह कि बहुत ही बड़ी भूमिका मानी जाती है। भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र नवग्रहों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। वेद शास्त्रों में....

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