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गोचर में बृहस्पति ग्रह को गुरु के रूप में माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति, ग्रह मंडल में मुख्य ग्रह के रूप में माने जाते है। वह विद्वता और स्थायित्व के लिए प्रसिद्ध है। बृहस्पति ग्रह जन्म पत्रिकाओं में महत्वपूर्ण भूमिका में होते हैं। बृहस्पति पूर्वोत्तर दिशा के स्वामी, पुरुष, आकाश तत्व, और पीले रंग, के लिए जाने जाते है। जन्म पत्रिका में ख़ासकर केंद्र स्थानों में से बृहस्पति का प्रभाव बहुत ही अच्छा माना जाता है। बृहस्पति ग्रह यदि चंद्रमा के साथ युति करते हुए या फिर दृष्टि से संबंध स्थापित करते हैं, तो बहुत ही सुंदर योगों का निर्माण होता है और चंद्रमा के साथ बृहस्पति होने से गुरू श्रेष्ठबली भी हो जाते है। गोचर में बृहस्पति पांचवें भाव के कारक ग्रह भी है जिससे की विद्या अर्जन,पुत्र, पौत्र इत्यादि का विचार किया जाता है और बृहस्पति राशि चक्र में गोचर करते हुए,एक वर्ष में 30 डिग्री (एक राशि) भोग (गति) करते हैं। राशि चक्र का पूरा भ्रमण बृहस्पति ग्रह 12 वर्षों में पूर्ण कर पाते है।
भारत वर्ष में होने वाले प्रसिद्ध कुंभ मेलों के ऊपर बृहस्पति के गोचर का सबसे बड़ा प्रभाव माना जाता है। या फिर ऐसा भी कह सकते हैं, कि कुंभ मेला बृहस्पति के गोचर के ऊपर ही निर्भर करते है। कर्क राशि में गुरू पाँच डिग्री तक उच्च के माने जाते हैं, जहाँ उनका पूर्ण प्रभाव मिलता है। इसके साथ ही मकर राशि में बृहस्पति पाँच डिग्री तक ही नीच स्तर मे होते है, वहाँ पर उनका प्रभाव अच्छा नहीं माना जाता है। यदि हम बृहस्पति ग्रह के संबंधो के बिषय में बात करे तो बृहस्पति ग्रह के सूर्य, चंद्र, मंगल, मित्र ग्रह हैं और इसके साथ ही बुध और शुक्र परम शत्रु हैं तथा शनि के साथ बृहस्पति का संबंध समान भावी है। अपने मित्रों अपने मित्र ग्रहों के साथ बृहस्पति का प्रभाव युति में और उनकी राशियों में शुभ फलकारक माना जाता है। शत्रुओं के साथ उनका प्रभाव कुछ दोष कारक माना जाता है, समान व्यवाहर शनि के साथ बृहस्पति का प्रभाव सामान्य माना जाता है। कुल मिलाकर गोचर में बृहस्पति की स्थिति सुनिश्चित कर पाते है कि जातक किस प्रकार से सामाजिक स्थिति, आर्थिक स्थिति, और पारिवारिक स्थिति को प्राप्त कर रहा हैं।
मित्र | सम | शत्रु | उच्च | नीच | स्वराशि | कारक | राशि परिवर्तन समय |
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सूर्य, चन्द्र, मंगल | शनि | बुध, शुक्र | कर्क 5° | मकर 5° | धनु, मीन | धन, पुत्र | 13 माह |
आइये जानते हैं की कब और किस राशि में बृहस्पति ग्रह का राशि परिवर्तन हो रहा हैं। बृहस्पति ग्रह का गोचर आपकी राशि पर क्या परिवर्तन लायेगा? जानिए सम्पूर्ण जानकारी बृहस्पति ग्रह के राशि परिवर्तन को लेके।
बृहस्पति का राशि परिवर्तन | तिथि | समय |
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बृहस्पति मेष राशि में | वर्तमान स्थिति (जुलाई 2025 तक) | 08:30 AM |
मेष में वक्री | शुक्रवार, 10 अक्टूबर, 2025 | 04:30 AM |
मेष में मार्गी (सीधा) | मंगलवार, 3 फरवरी, 2026 | 10:15 AM |
वृषभ राशि में प्रवेश | बुधवार, 22 अप्रैल, 2026 | 11:50 PM |