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बुध गोचर 2020 - Budh Gochar 2020


ग्रह गोचर में बुध ग्रह का स्थान चतुर्थ स्थान पर आता है। बुध को ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुद्धि का तथा प्रखरता का स्वामी माना जाता है। पौराणिक शास्त्रों के मुताबिक बुध क्योंकि चंद्र ग्रह और बृहस्पति की पत्नी तारा से उत्पन्न हुए हैं, और उनका पालन पोषण बृहस्पति ने किया हैं तो उनमे बृहस्पति और चन्द्र दोनों के गुण पाए जाते हैं गोचर में बुध राशि मंडल के 30 डिग्री अर्थात एक राशि को करीब 14 दिनों में भोग करते हुए करीब 170 दिनों में पुरे राशि मंडल का भोग कर लेता हैं। एक तरफ़ बुध ज्ञान को देने वाले हैं, दूसरी और तीव्रतम बुद्धि को प्रदान करने वाले हैं, और इसके साथ ही बुध ग्रह को सुंदरता, और सौम्यता, देने वाले ग्रहों में जाना जाता है, जहाँ तक बुध ग्रह के गोचर के बिषय को समझते हैं, तो बुध उत्तर दिशा के स्वामी, तथा नपुंसक ग्रहों में इनकी गिनती होती हैं।

बुध गोचर अवस्था

राशि चक्र में बुध, मिथुन, तथा कन्या, राशि के स्वामी हैं। इसके साथ ही बुध ग्रह कन्या राशि में 15 डिग्री तक परम उच्च होते हैं और बहुत ही शुभ फल देते हैं। इसके साथ ही मीन राशि के 15 डिग्री तक बुध नीचस्थ रहते हैं तथा अशुभ फल प्रदान करते हैं। बुध ग्रह भी अन्य ग्रहों के जैसे अपने मित्र ग्रहों जैसे सूर्य, और शुक्र की युति में तथा इनकी राशियों में शुभ फल प्रदान करते हैं। चंद्रमा क्योंकि परम शत्रु होने के कारण इनके युति में बुध अशुभ फल प्रदान करते हैं। मगंल, गुरु, शनि, और राहू के युति में तथा इनकी राशियों में शुभ फल प्रदान करते हैं। आइये जानते हैं की कब और किस राशि में बुध ग्रह का राशि परिवर्तन हो रहा हैं। बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि पर क्या परिवर्तन लायेगा? जानिए सम्पूर्ण जानकारी बुध ग्रह के राशि परिवर्तन को लेके।

मित्र सम शत्रु उच्च नीच स्वराशि कारक राशि परिवर्तन समय
सूर्य, शुक्र मंगल, गुरु, शनि चन्द्र कन्या 15° मीन 15° मिथुन, कन्या सुख 14 दिन

बुध गोचर प्रभाव

बुध ग्रह की विशेषता है, कि यह क्रूर ग्रहों के साथ जैसे की सूर्य, मंगल, के साथ युति होने पर क्रूर ही प्रभाव देता हैं। पाप ग्रह जैसे की राहु, केतु, और शनि के साथ रहने पर अशुभ फल प्रदान करते हैं। तथा सौम्य ग्रहों जैसे कि चंद्रमा, गुरु, और शुक्र के साथ रहने पर शुभ फल देते हैं। साथ ही गोचर बुध ग्रह दशम भाव, और चतुर्थ भाव (सुख भाव) का कारक होने के कारण व्यक्ति के जीवन में सुख, वैभव, मान, सम्मान, और संपत्ति के कारक हैं। शुभ ग्रहों के साथ होने पर इन स्थानों का शुभ फल मिलता हैं तथा बुध ग्रह क़ानून, वाणिज्य, शिल्प, और चिकित्सा शास्त्र के क्षेत्रों में भी ले जाने वाले है। आइये जानते हैं की कब और किस राशि में बुध ग्रह का राशि परिवर्तन हो रहा हैं। बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि पर क्या परिवर्तन लायेगा? जानिए सम्पूर्ण जानकारी बुध ग्रह के राशि परिवर्तन को लेके।

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ग्रह बुध राशि परिवर्तन 2020 तिथि व समय

बुध का राशि परिवर्तन तिथि समय
तुला से वृश्चिक राशि में गुरुवार, 05 दिसंबर, 2019 10:31 AM
वृश्चिक से धनु राशि में बुधवार, 25 दिसंबर, 2019 3:44 PM
धनु से मकर राशि में सोमवार, 13 जनवरी, 2020 11:34 AM
मकर से कुम्भ राशि में गुरुवार, 30 जनवरी, 2020 2:53 AM
कुम्भ, वक्री सोमवार, 17 फरवरी, 2020 06:20 AM
कुम्भ, मार्गी मंगलवार, 10 मार्च, 2020 9:16 AM
कुम्भ से मीन राशि में मंगलवार, 07 अप्रैल, 2020 2:20 PM
मीन से मेष राशि में शनिवार, 25 अप्रैल, 2020 2:33 AM
मेष से वृष राशि में शनिवार, 05 सितंबर, 2020 9:47 AM
वृष से मिथुन राशि में रविवार, 24 मई, 2020 11:57 PM
मिथुन, वक्री गुरुवार, 18 जून, 2020 10:25 AM
मिथुन, मार्गी रविवार, 12 जुलाई, 2020 1:54 PM
मिथुन से कर्क राशि में रविवार, 02 अगस्त, 2020 3:31 AM
कर्क से सिंह राशि में सोमवार, 17 अगस्त, 2020 8:29 AM
सिंह से कन्या राशि में बुधवार, 02 सितंबर, 2020 12:04 PM
कन्या से तुला राशि में मंगलवार, 22 सितंबर, 2020 4:55 PM
तुला, वक्री बुधवार, 14 अक्टूबर, 2020 6:32 AM
तुला, मार्गी मंगलवार, 03 नवंबर, 2020 11:17 PM
तुला से वृश्चिक राशि में शनिवार, 28 नवंबर, 2020 7:04 AM
वृश्चिक से धनु राशि में गुरुवार, 17 दिसंबर, 2020 11:37 AM
धनु से मकर राशि में मंगलवार, 05 जनवरी, 2021 3:55 AM
मकर से कुम्भ राशि में सोमवार, 25 जनवरी, 2021 4:55 PM
कुम्भ, वक्री शनिवार, 30 जनवरी, 2021 9:18 PM
मकर, वक्री गुरुवार, 04 फरवरी, 2021 10:40 PM
मकर, मार्गी रविवार, 21 फरवरी, 2021 6:20 AM
मकर से कुम्भ राशि में बुधवार, 03 नवंबर, 2021 12:30 PM
कुम्भ से मीन राशि में गुरुवार, 01 अप्रैल, 2021 12:42 AM
मंगल गोचर

मंगल गोचर 2020

मंगल ग्रह ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ग्रह गोचर में अपना तीसरा स्थान रखते हैं। मंगल ग्रह को भौम या भूमिपुत्र भी कहा गया है। मंगल अग्नि तत्व और क्रोध के देवता....

बृहस्पति गोचर

बृहस्पति गोचर 2020

गोचर में बृहस्पति ग्रह को ज्ञान का देवता कहा गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति, ग्रह मंडल में मुख्य ग्रह के रूप में माने जाते है। वह विद्वता और....

शुक्र गोचर

शुक्र गोचर 2020

ग्रह गोचर में छटठा स्थान शुक्र ग्रह का है। शुक्र ग्रह हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार दैत्यगुरु के रूप में भी जाने जाते हैं | ग्रह गोचर में शुक्र को जीवन का कारक ग्रह ....

शनि गोचर

शनि गोचर 2020

गृह गोचर में शनि ग्रह का क्रम सातवें स्थान पर आता है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार शनि, सूर्य के पुत्र हैं। इसके साथ ही शनि को न्याय का देवता भी कहा जाता है। शनि का रंग....

राहु गोचर

राहु गोचर 2020

ग्रह गोचर में राहु का क्रमांक आठवें स्थान पर आता है। राहु ग्रह को बल कारक भी माना जाता है। इसके साथ ही मति भ्रामकता का भी एक कारण राहु ग्रह को....

केतु गोचर

केतु गोचर 2020

ग्रह गोचर के क्रम अनुसार केतु का स्थान नवाँ हैं। केतु को कृष्ण वर्ण वाला ग्रह माना जाता है। साथ ही केतु की आकृति ध्वजा के जैसी मानी जाती है। केतु को ....

सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण 2020

ग्रह गोचर में सूर्य ग्रहण को एक आश्चर्यजनक खगोलीय घटना मानी जाती है। सूर्य ग्रहण गोचर कि वह स्थिति है, जिसको कि हम लोग अपनी आँखों के माध्यम....

सूर्य गोचर

सूर्य गोचर 2020

सूर्य ग्रह, ग्रहों में अपना सबसे पहला स्थान रखते हैं। तो यदि हम ग्रह गोचर की बात करें तो विशेषकर सूर्य 14 अप्रैल से लेकर 15 मई के बीच....

चंद्र ग्रहण

चंद्र ग्रहण 2020

ग्रह गोचर में सूर्य और चंद्र के बीच जब पृथ्वी आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्र ग्रहण के ऊपर पड़ती है तो चंद्र ग्रहण का परिदृश्य सामने होता है। यह एक अद्भुत....

चंद्र गोचर

चंद्र गोचर 2020

ग्रह गोचर में चंद्र ग्रह कि बहुत ही बड़ी भूमिका मानी जाती है। भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र नवग्रहों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। वेद शास्त्रों में....

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