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शनि गोचर 2020 - Shani Gochar 2020


गृह गोचर में शनि ग्रह का क्रम सातवें स्थान पर आता है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार शनि, सूर्य के पुत्र हैं। इसके साथ ही शनि को न्याय का देवता भी कहा जाता है। शनि का रंग नीला और काला बताया जाता है। ज्योतिष शास्त्रों में शनि को पाप ग्रह भी माना जाता है। शनि को पीड़ा और कष्ट देने वाला ग्रह बताया गया है,वैसे भी दुनिया में शनि की साढ़े साती बहुत ही प्रचारित है। हर व्यक्ति शनि की साढ़ेसाती को समझना चाहता हैं और उससें बचना चाहते हैं। राशि चक्र में शनि, मकर, और कुंभ, दो राशियों के स्वामी हैं। इसके साथ ही शनि ग्रह एक राशि को अर्थात 30डिग्री का भोग करने में क़रीब दो से ढाई वर्ष का समय लेते हैं | इसका मुख्य कारण शनि, ग्रह का सौर मंडल में सब से दूर होना भी बताया जाता है। बारह राशियों अर्थात 365 डिग्री को भ्रमण करने में शनि, को सबसे अधिक क़रीबन तीस वर्षों तक का समय लग जाता है। ज्योतिष शास्त्रों में कहा गया है कि शनि साढ़े साती जीवन में तीन बार ही आती है। राशि चक्र में तुला राशि के 20 डिग्री तक परम उच्च अवस्था में होते हैं, और मेष राशि के 20 डिग्री तक नीचस्थ माने जाते हैं।

शनि गोचर अवस्था व प्रभाव

उच्च अवस्था शनि का फल बहुत ही शुभ माना जाता है और नीचस्थ अवस्था में शनि को कष्टदायक माना जाता है। शनि ग्रह कों पश्चिम दिशा का स्वामी माना जाता है तथा शनि आठवें घर का कारक भी माना जाता है। आठवाँ घर आयु के लिए विचार किया जाता है। शनि को दसवें भाव का स्वामी भी माना जाता है, दशम भाव से नौकरी, ख्याति, इत्यादि को भी देखा जाता है। ग्रह गोचर में शनि, शुक्र तथा बुध मित्र हैं। इनके साथ युति में और इनकी राशियों में शनि का प्रभाव शुभ माना गया है। बृहस्पति के साथ शनि ग्रह के सम्बन्ध सम हैं| इनके साथ युति में तथा इनकी राशि में शनि का प्रभाव सम माना जाता है। रवि,चंद्र, और मंगल शनि के शत्रु हैं। इनकी राशियों में तथा इनके साथ युति में शनि अच्छा प्रभाव नहीं देते हैं। इसके साथ ही सभी प्रकार के जन्तुओं के और निम्न स्तर में नौकरी करने वालों लोगो के स्वामी भी शनि बताए गए हैं।

मित्र सम शत्रु उच्च नीच स्वराशि कारक राशि परिवर्तन समय
शुक्र, बुध गुरु सूर्या, चन्द्र, मंगल तुला 20° मेष 20° मकर, कुम्भ कर्म, आयु दो से ढाई साल

आइये जानते हैं की कब और किस राशि में शनि ग्रह का राशि परिवर्तन हो रहा हैं। ग्रह शनि गोचर आपकी राशि पर क्या परिवर्तन लायेगा? जानिए सम्पूर्ण जानकारी ग्रह ग्रह के राशि परिवर्तन को लेके।

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ग्रह शनि राशि परिवर्तन 2020 तिथि व समय

शनि का राशि परिवर्तन तिथि समय
धनु से मकर राशि में शुक्रवार, 24 जनवरी, 2020 9:53 AM
मकर, वक्री सोमवार, 11 मई, 2020 9:27 AM
मकर, मार्गी बुधवार, 18 सितंबर, 2019
मंगल गोचर

मंगल गोचर 2020

मंगल ग्रह ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ग्रह गोचर में अपना तीसरा स्थान रखते हैं। मंगल ग्रह को भौम या भूमिपुत्र भी कहा गया है। मंगल अग्नि तत्व और क्रोध के देवता....

बुध गोचर

बुध गोचर 2020

ग्रह गोचर में बुध ग्रह का स्थान चतुर्थ स्थान पर आता है। बुध को ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुद्धि का तथा प्रखरता का स्वामी माना जाता है। पौराणिक शास्त्रों....

बृहस्पति गोचर

बृहस्पति गोचर 2020

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शुक्र गोचर

शुक्र गोचर 2020

ग्रह गोचर में छटठा स्थान शुक्र ग्रह का है। शुक्र ग्रह हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार दैत्यगुरु के रूप में भी जाने जाते हैं | ग्रह गोचर में शुक्र को जीवन का कारक ग्रह ....

राहु गोचर

राहु गोचर 2020

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केतु गोचर

केतु गोचर 2020

ग्रह गोचर के क्रम अनुसार केतु का स्थान नवाँ हैं। केतु को कृष्ण वर्ण वाला ग्रह माना जाता है। साथ ही केतु की आकृति ध्वजा के जैसी मानी जाती है। केतु को ....

सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण 2020

ग्रह गोचर में सूर्य ग्रहण को एक आश्चर्यजनक खगोलीय घटना मानी जाती है। सूर्य ग्रहण गोचर कि वह स्थिति है, जिसको कि हम लोग अपनी आँखों के माध्यम....

सूर्य गोचर

सूर्य गोचर 2020

सूर्य ग्रह, ग्रहों में अपना सबसे पहला स्थान रखते हैं। तो यदि हम ग्रह गोचर की बात करें तो विशेषकर सूर्य 14 अप्रैल से लेकर 15 मई के बीच....

चंद्र ग्रहण

चंद्र ग्रहण 2020

ग्रह गोचर में सूर्य और चंद्र के बीच जब पृथ्वी आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्र ग्रहण के ऊपर पड़ती है तो चंद्र ग्रहण का परिदृश्य सामने होता है। यह एक अद्भुत....

चंद्र गोचर

चंद्र गोचर 2020

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