सूर्य राशि

सूर्य को ज्योतिष शास्त्र में एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है| सूर्य जातक को जीवन में कई शुभा शुभ प्रभाव देता हुआ नजर आता है| सूर्य अगर कुंडली में अच्छी स्थिति में है और शक्तिशाली बनकर बैठा हुआ है तो वह जातक निरंतर आगे बढ़ता हुआ नजर आता है| जन्म के समय सूर्य कुंडली में कहां बैठा हुआ है इसका अध्ययन करना काफी जरूरी बताया गया है|

जन्म की तारीख को देखने के बाद सूर्य राशि का आकलन किया जाता है जैसे कि 21 मार्च से 20 अप्रैल के बीच में पैदा होने वाले जातक मेष राशि के होते हैं तो वहीं 21 अप्रैल से 20 मई के बीच में जो जातक पैदा होते हैं वह वृष राशि के होते हैं| इसी तरीके से यह क्रम आगे बढ़ता जाता है|

पश्चिम में भविष्यफल का आकलन कुछ इसी तरीके से किया जाता है और आज यह पूर्व में भी प्रचलन में नजर आ रहा है| राशिफल लिखते समय ज्योतिषाचार्य सूर्य की स्थिति का आकलन करते हैं और उसी के अनुसार राशियों पर उसके प्रभाव लिखते हैं|

ज्योतिष शास्त्र में तारामंडल को 360 अंशों डिग्री की कल्पना की गयी है| इस 360 डिग्री के वृत्त को 12 भागों में विभाजित कर 12 राशियों की उत्पति हुई है| जिस कारण एक राशि 30 अंश डिग्री की हुई बताई जाती है| सूर्य एक वर्ष में प्रत्येक दिन एक-एक अंश का भोग करता हुआ, 30 दिन में एक राशि और एक वर्ष में पूरी बारह राशियों का भोग करता है|

सूर्यग्रह के द्वारा एक महीने की क्रांतिवृत्त का संचार ही एक राशी को निर्धारित करता है| यह क्रम मेष राशि से प्रारम्भ होता हुआ, मीन राशी तक समाप्त होता है| ‘सूर्या आत्मा जगातस्थस्तु ख्शह्च” यजुर्वेद में कहा गया है , सूर्या आत्मा का अधिपति हो कर आकाश में स्थिर है|

आइये आपको बताते हैं कि आपकी जन्म तिथि के अनुसार आपकी सूर्य राशि क्या बनती है-
मेष- 21 मार्च से 20 अप्रैल, वृष- 21 अप्रैल से 20 मई, मिथुन- 21 मई से 20 जून, कर्क- 21 जून से 20 जुलाई, सिंह- 21 जुलाई से 20 अगस्त, कन्या- 21 अगस्त से 20 सितम्बर, तुला- 21 सितम्बर से 20 अक्तूबर, वृश्चिक- 21 अक्तूबर से 20 नवम्बर, धनु- 21 नवम्बर से 20 दिसम्बर, मकर- 21 दिसम्बर से 20 जनवरी, कुम्भ- 21 जनवरी से 20 फरवरी, मीन- 21 फरवरी से 20 मार्च,

आपको एक महत्वपूर्ण बात बता दें कि जब भी आप अपना राशिफल देखें तो सबसे पहले यह जानने की कोशिश करें कि जो राशिफल आप पढ़ रहे हैं वह सूर्य राशि के हिसाब से है या फिर चंद्र राशि के हिसाब से|

अगर वह राशिफल चंद्र राशि के हिसाब से लिखा गया है तो आपको अपनी चंद्र राशि पता होनी चाहिए| चंद्र राशि यानी कि आपके जन्म के समय चंद्रमा किस राशि में बैठा हुआ था, उसको चंद्र राशि कहते हैं और सूर्य राशि आपके जन्म की तारीख के बाद निर्धारित की जाती है, आप किस तारीख को पैदा हुए हैं उसी के अनुसार आपकी सूर्य राशि बनती है|

कई बार हम चंद्र राशि को देखकर लिखे हुए राशिफल को सूर्य राशि के हिसाब से देख लेते हैं और सूर्य राशि के राशिफल को चंद्र राशि के देख लेते हैं और तब हम गलत परिणाम प्राप्त होने पर ज्योतिष विद्या को कोसने लगते हैं| तो आपको राशिफल पढ़ने से पहले अपनी चंद्र राशि या सूर्य राशि का अच्छी तरीके से ज्ञान होना चाहिए|