आज के ऑफर : 300Rs तक के रिचार्ज पर 10% EXTRA और 500Rs या उससे ऊपर के रिचार्ज पर 15% EXTRA प्राप्त करें।

2020 में कब है धनतेरस (Dhanteras)? शुभ मुहूर्त, पूजा विधि

Dhanteras 2020 - धनतेरस 2020

धनतेरस (Dhanteras) 2020 - कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की तेरहवी तिथि को मनाए जाने वाला त्योहार धनतेरस 13 नवंबर, शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा। धनतेरस दिवाली से पहले मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्यौहार है। दिवाली से पहले इस दिन घर में विशेष पूजा की जाती है और साथ ही साथ घर में देवताओं के आगमन के लिए उनसे विशेष प्रार्थना की जाती है।

धनतेरस पर्व का महत्व

हिन्दू पौराणिक कथाओं में धनतेरस का खास महत्व है। ऐसा माना जाता हैं कि धनतेरस के दिन लक्ष्मी जी की पूजा पाठ करने से घर में धन, वैभव, सुख और समृद्धि का वास होता है। साथ ही धन के देवता जिनको कुबेर कहा जाता हैं  इनकी अराधना भी की जाती हैं। इसके चलते लोग धनतेरस के दिन आभूषण, चांदी, सिक्का, नए बर्तन, नए कपड़े और वस्तुओं की खरीदार करते हैं। तो आइये आपको बताते हैं कि धनतेरस के दिन आखिर क्यों कुबेर जी की पूजा का प्रावधान बताया जाता है।

पर्व धनतेरस पूजा विधि

दूसरी ओर यह भी मान्यता हैं कि धनतेरस के दिन यमदेव की पूजा पाठ करने से असमय मृत्यु का संकट भी ख़त्म हो जाता है। इस त्यौहार को मनाने के लिए घरों में साज सजावट की जाती हैं। घर के आँगन में खूबसूरत रंगोली बनाई जाती हैं। धनतेरस के दिन लोग घरों में कुबेर जी की पूजा करते हैं और यमदेव की पूजा करते हैं। शाम को घर के मुख द्वार पर दीपक जलाएं जाते हैं। कुछ लोग अपने घर की तिजोरी को भी दीपक से रोशन करते हैं। उनका मानना होता है ऐसा करने से  कुबेर भगवान ख़ुश होकर हमेशा उन पर अपनी कृपा बनाये रखेंगे।

विधि विधान के अनुसार कुबेरजी की पूजा की जाती हैं। घरों के साथ साथ जो लोग अपना व्यसाय करते हैं वो भी ऑफिसो में पूजा पाठ करते हैं। धनतेरस के त्योहार की बहुत सी पौराणिक कहानी प्रचलित हैं। कई लोगो का मानना हैं एक समय में राजा रानी हुआ करते थे उनकी कोई संतान न थी। बहुत समय बाद उनको बेटा हुआ तब भविष्यवाणी हुई की उनकी  संतान की मृत्यु अल्प आयु मैं हो जाएगी। यह बालक सिर्फ 6 वर्ष ही जी पायेगा। यह बात सुनके राजा रानी बहुत दुखी हुए। जब राजकुमार 6 वर्ष का हुआ तो राजा रानी और भी ज़्यादा दुखी हुए। यमदूत तय समय पर राजकुमार के प्राण लेने पहुँच गए। रानी ने रोते हुए यमदूत से पूछा कि कोई उपाय बताओ कि यह संकट दूर हो सके। उन्होंने बताया कि अगर वो कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की तेरहवीं के दिन घर के मुख द्वार पर दक्षणी दिशा की ओर दीपक जलाकर रखेगी तो यह संकट ज़रूर टल जाएगा। ऐसी ही कई कहानियां लोंगो के बीच प्रचलित हैं। धनतेरस को धन्वंतरि के नाम से भी जाना जाता हैं। इस दिन स्वास्थ्य से सम्बंदित परियोजना का शुरुआत भी की जाती है।

धनतेरस 2020 की पूजा को ओर भी खास बनाने के लिए अभी परामर्श ले भारत के जाने माने ज्योतिषाचार्यो से।

धनतेरस 2020 पर्व पूजा का शुभ मुहूर्त

धनतेरस 2020 पर्व तिथि - 13 नवंबर, शुक्रवार

धनतेरस 2020 पूजा का शुभ मुहूर्त - शाम 05:25 बजे से शाम 06:00 बजे तक

धनतेरस 2020 प्रदोष काल -शाम 05:39 से 20:14 बजे तक

धनतेरस 2020 वृषभ काल - शाम 06:51 से 20:47 बजे तक

त्रयोदशी तिथि प्रारंभ - रात 09:30 बजे,12 नवंबर 2020

त्रयोदशी तिथि समाप्त - शाम  06:30 बजे, 13 नवंबर 2020


Recently Added Articles
मीन राश‍ि (Meen Rashi) - Pisces in Hind
मीन राश‍ि (Meen Rashi) - Pisces in Hind

मीन राश‍ि (Pisces) का स्थान राश‍ि चक्र और तारामंडल में बारहवें स्थान पर है। यह राश‍ि उत्तर दिशा में वास करने वाली एकमात्र उभयोदय राश‍ि है।...

सिंह राशि (Singh Rashi) - Leo in Hindi
सिंह राशि (Singh Rashi) - Leo in Hindi

सिंह राश‍ि (Leo) के लोगों नाम के अनुरूप ही साहसी, निडर और आत्मविश्वास से संपन्न होते हैं। इस राश‍ि के लोग हमेशा ऊर्जावान होते हैं।...

मिथुन राश‍ि (Mithun Rashi) - Gemini in Hindi
मिथुन राश‍ि (Mithun Rashi) - Gemini in Hindi

मिथुन राश‍ि (Mithun Rashi) में जन्म लेने वाले लोग आकर्षक होते हैं।...

तुला राश‍ि (Tula Rashi) - Libra in Hindi
तुला राश‍ि (Tula Rashi) - Libra in Hindi

तुला राश‍ि (Libra) का स्थान राश‍ि चक्र और तारामंडल में सातवें स्थान पर है। तुला राश‍ि का वास स्थान पश्च‍िम दिशा की ओर है तथा इसे शीर्षोदयी राश‍ि भी कह...


2020 आपका साल है! अब अपनी पूरी रिपोर्ट प्राप्त करें और जानें कि 2020 में आपके लिए कौन से नियम छिपे हैं
पहले से ही एक खाता है लॉग इन करें

QUERY NOW !

Get Free Quote!

Submit details and our representative will get back to you shortly.

No Spam Communication. 100% Confidentiality!!