>

रविवार व्रत करने की विधि और लाभ

रविवार का व्रत दे सकता हैं अच्छे लाभ

रविवार के दिन लोग भगवान सूर्यदेव की पूजा करते है ताकि उनका जीवन सही बना रहे और कोई समस्या उत्पन्न न हो। इस दिन लोग व्रत करके अपने कष्टों से मुक्ति पाने और असीम सुखों के लिए करते है। बता दें कि नारद पुराण में भी यही बताया गया है कि रविवार के दिन सूर्य भगवान की पूजा करना काफी शुभ माना जाता है और व्रत तो बहुत शुभ माना जाता है। तो आइये आज हम रविवार व्रत के बारे में और जानेंगे जैसे यह क्यों किया जाना चाहिए, इसके क्या फायदे है और क्या विधि है।

रविवार के दिन व्रत करने के ये है कुछ लाभ

1. रविवार व्रत या रविवार का उपवास भगवान सूर्य को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार Astrology in Hindi में ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से सूर्य देव से आशीर्वाद मिलता है। रविवार का व्रत और आदित्य ह्रदय स्तोत्रम (आदित्य, सूर्य देव की स्तुति में गाए गए पवित्र भजन) का जाप करने से आपको स्वास्थ्य, समृद्धि और सुख-शांति जैसी लाभप्रद स्थितियां प्राप्त होती हैं। 

2) इस दिन व्रत करने से आपको पापों से मुक्ति मिलती है।

3) जबकि साथ ही विभिन्न बीमारियों से भी मुक्ति मिलती है।

4) एक उज्ज्वल स्वभाव, तेज बुद्धि और स्वास्थ्य प्राप्त करने में यह व्रत काफी लाभदायक माना जाता है।

5) घर परिवार में आनंद बना रहता है।

6) इसके अलावा रविवार व्रत करमे से लोगों के बीच पनपा संदेह दूर होता है।

7) चिंताओं और दुखों से मुक्ति।

यह है रविवार व्रत की विधि

भक्त सूर्य देव को जल अर्पित करने और पूजा करने के साथ रविवार की सुबह व्रत या उपवास शुरू करते हैं। जैसा कि सूर्य देव का रंग लाल है, तो उनकी मूर्ति भी लाल रंग की रखनी चाहिए और उसे लाल कमल जैसे फूलों से सजाया जाना चाहिए। पूजा में धूप, चंदन का पेस्ट, गेहूं के दाने और विशेष रूप से तैयार पकवानों को चढ़ाकर भोग लगाया जाता है। परामर्श करे हमारे प्रसिद्ध व अनुभवी ज्योतिषियों से और जाने की इस रविवार के दिन ऐसा क्या करे जिससे होगा भाग्य उदय। अभी बात करने के लिए क्लिक करे! फिर व्रत की शुरुआत रविवार व्रत कथा के पाठ के साथ होती है और अगली सुबह सूर्य के दर्शन तक जारी रहती है।

इसके बाद इसका समापन सूर्य देवता को जल अर्पित करने के साथ किया जाता है। ज्योतिषों के अनुसार Online kundli in hindi में इस दिन व्रत करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। लोग उपवास के दौरान एक बार भोजन कर सकते हैं, जबकि पूजा अर्च 

कब करे रविवार व्रत की शुरुवात

ज्योतिषों की मानें तो हिन्दू कैलेंडर के आश्विन मास (सितम्बर-अक्टूबर) में शुक्ल पक्ष में प्रथम रविवार को व्रत का आरंभ करना बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है और कुंडली मिलान के अनुसार सकारात्मक प्रभाव प्राप्त होते हैं। तो हम आशा करते हैं कि आपको रविवार व्रत के बारे में यहाँ पर्याप्त जानकारी मिल गई होंगी।

रविवार व्रत करने की विधि और लाभ का अंग्रेजी अनुवाद पढ़ने के लिए क्लिक करे

 


Recently Added Articles
Nadi Dosh Kya Hota Hai
Nadi Dosh Kya Hota Hai

Nadi Dosh Kya Hota Hai यह शादी और कुंडली मिलान में क्यों जरूरी है, जानें इसके प्रभाव, पहचान के तरीके और ज्योतिष अनुसार आसान समाधान।...

कुंडली में नाड़ी दोष
कुंडली में नाड़ी दोष

कुंडली में नाड़ी दोष कैसे बनता है, इसका असर क्या होता है और सही उपाय क्या हैं। Vedic Expert से Free, Accurate और Trusted रिपोर्ट, Instant Solution के ...

Nadi Dosh Ke Upay
Nadi Dosh Ke Upay

Nadi Dosh Ke Upay जानें। कब दोष लगता है, कब खत्म होता है और शादी पर असर क्या पड़ता है — एक्सपर्ट गाइड 2026 में पढ़ें।...