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अमृताभिषेक पूजा

पूजा का विवरण

यह पूजा भगवान शिव के लिए की जाती है। इसमें भगवान को दूध से नहलाया जाता है और मनवांछित फल मांगा जाता है। आइए आज हम आपको बताते हैं अमृताभिषेक पूजा करने के लाभ और उसके महत्व के बारे में। 1. मनुष्य अक्सर परेशान रहता है कि वह दुखों से क्यों घिरा रहता है। उसके दुखों का निवारण क्यों नहीं होता है। लेकिन अमृताभिषेक पूजा से आपके सभी कष्टों का निवारण होगा। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनका अमृताभिषेक करना होगा। इससे भगवान जल्द से जल्द आप पर अपनी कृपा दृष्टि बनाएंगे। 2. प्रातः काल सुबह उठकर भगवान शिव पूजा करें। मंदिर अथवा घर कहीं पर भी आप पूजा कर सकते हैं। भगवान शिव को बेलपत्र, जल, दूध अर्पित करें और बारंबार प्रणाम करें। इससे भगवान शिव आप पर प्रसन्न होंगे। 3. अमृताभिशेष पूजा के दौरान ध्यान रखें कि आपके मन में किसी के लिए भी द्वेष ना हो। ऐसा होने से आपको इसका फल प्राप्त नहीं होगा। वहीं आपके मन में किसी के लिए नकारात्मक भावना है या फिर नकारात्मक सोच है तो यह दूर करें। ऐसा करने से आपको दोगने फल की प्राप्ति होगी। 4. कहा जाता है भगवान शिव जिस पर प्रसन्न हो जाए, उस पर अपनी कृपा दृष्टि की बरसात कर देते हैं। अमृताभिषेक पूजा में ऐसे ही लाभ छिपे हुए हैं। इस पूजा को करने के बाद आप देखेंगे कि आपके घर में खुशहाली आ गई है और घर में धन की वर्षा हो रही है। 5. कई बार आपके घर की कन्याओं के विवाह में अड़चनें आती है और आपको समझ में नहीं आता कि ऐसा क्या करें कि जिससे ये अड़चने जल्द से जल्द दूर हो जाए। भगवान शिव का अमृताभिषेक इसका रामबाण इलाज है। इसके साथ ही जिन संपत्तियों के घर में कई सालों से संतान नहीं हो रही है उन्हें भी संतान की प्राप्ति होती है। ये बताएं हमने आपको अमृताभिषेक की पूजा के लाभ और उसके महत्व के बारे में।