>

खजुराहो मंदिर

खजुराहो मंदिर, जिसे देखकर आप आश्चर्य में पड़ जाएंगे 

भारत का मध्य प्रदेश राज्य एक ऐसा राज्य है जो संस्कृति और परंपराओं को खुद में संजोए हुए हैं। इसकी परंपराएं बड़ी ही शालीनता से विख्यात है। मध्यप्रदेश में अनेकों धार्मिक स्थल है। जिनमें सब प्रकार से भगवान की शक्ति का प्रदर्शन होता है। लेकिन इन सबसे अलग मध्य प्रदेश में ऐसा मंदिर है, जिसमें हिंदू और जैन मंदिरों का समूह है। इस मंदिर का नाम खजुराहो मंदिर है। जो झांसी से 175 किलोमीटर दूर छतरपुर जिले में स्थित है। 

खजुराहो मंदिर अपनी आकृति और अद्भुत कलात्मक मूर्तियों के लिए न केवल मध्य प्रदेश या भारत में, बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इन मंदिरों की रहस्यमयी और प्रतीकात्मक आकृतियों के कारण ही खजुराहो मंदिरों को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल किया गया है। यहां हिंदू और जैन मंदिरों का एक विशाल समूह देखने को मिलता है, जिनकी मूर्तियों में जीवन, साधना और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का गहरा संदेश छिपा हुआ है, जिसे Astrology in Hindi के दृष्टिकोण से भी ग्रहों, राशियों और मानवीय प्रवृत्तियों से जोड़ा जाता है। मंदिरों के इतिहास के अनुसार 12वीं शताब्दी में खजुराहो मंदिर समूह में कुल 85 मंदिर मौजूद थे, जो लगभग 20 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुए थे। इन मंदिरों की संरचना और मूर्तिकला आज भी ज्योतिष और आध्यात्मिक शोध का विषय बनी हुई है।

इन स्मारकों का निर्माण राजपूत चंदेल राज्य के शासन काल में किया गया था। जैसे ही चंदेला शासन को शक्ति और समृद्धि मिलनी शुरू हुई, उन्हें बुंदेलखंड का नाम मिला। अपनी शक्ति और वैभव के प्रदर्शन के लिए उन्होंने खजुराहो मंदिरों का निर्माण आरंभ कराया। इन मंदिरों में अनेक भव्य मंदिर बनाए गए, जिनमें सबसे खास और प्रसिद्ध कंदारिया महादेव मंदिर है, जिसका निर्माण गंडा राजा के शासनकाल में कराया गया था। कहा जाता है कि उस समय मंदिरों का निर्माण केवल आस्था नहीं बल्कि ज्योतिष परामर्श के आधार पर शुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति देखकर किया जाता था, ताकि राज्य की शक्ति, स्थिरता और समृद्धि बनी रहे।

आइए जानतें इस विचित्र मंदिर की खास बातें 

1.  खजुराहो मंदिर की मूर्तियां किसी को भी आश्चर्य में डाल सकती हैं। इन्हें देखने से यकीन नहीं होता कि यह मंदिर है यह कोई मूर्ति घर।

2. खजुराहो मंदिर के बाहर की दीवारों पर अनेक मनोरम और आश्चर्यचकित करने वाली मूर्तियां बनी हुई हैं, जो विभिन्न कामक्रिया के आसनों को दर्शाती हैं। इन मूर्तियों को केवल शारीरिक आकर्षण के रूप में नहीं, बल्कि जीवन, सृष्टि और ऊर्जा के संतुलन का प्रतीक माना जाता है। प्राचीन विद्वानों का मानना था कि मानव जीवन के हर पहलू का संबंध ग्रहों और नक्षत्रों से होता है, जिसे आज के समय में लोग Online kundli in hindi के माध्यम से समझने का प्रयास करते हैं। खजुराहो की ये मूर्तियां भी उसी गूढ़ ज्ञान और जीवन दर्शन को दर्शाती हैं, जो आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

3.  खजुराहो मंदिर को कुछ इस प्रकार बनाया हुआ है कि मंदिर के कमरे के दरवाजे एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। खिड़कियों में भी सूर्य की रोशनी इस प्रकार से पड़ती है कि मूर्तियां और भी आकर्षक लगने लगती हैं।

4.  मंदिर के निर्माण के समय यहां पर कई मंदिर थे लेकिन प्राकृतिक आपदाओं के कारण कुछ मंदिर नष्ट हो चुके हैं और फिलहाल यहां पर केवल 22 हिंदू मंदिर बचे हुए हैं।

5. सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि खजुराहो मंदिर में कामुक कला की मूर्तियां मौजूद हैं, फिर भी यह कहना उचित नहीं होगा कि यह मंदिर केवल कामुक मूर्तियों के लिए ही प्रसिद्ध है। वास्तव में यहां रचनात्मकता, आध्यात्मिकता और जीवन दर्शन का गहरा संदेश छिपा हुआ है। जिस तरह विवाह से पहले कुंडली मिलान के माध्यम से जीवन के संतुलन, सामंजस्य और ऊर्जा के मेल को परखा जाता है, उसी प्रकार खजुराहो की मूर्तियां भी मानव जीवन के भावनात्मक, शारीरिक और आध्यात्मिक संतुलन को दर्शाती हैं। यही कारण है कि ये मूर्तियां केवल कला नहीं, बल्कि गूढ़ दर्शन का प्रतिनिधित्व करती हैं।

6.  इसमें कुछ इस करह से मूर्तियां बनाई गई है कि महिलाओं के जीवन को पारंपरिक तरीके से दिखाया गया है। साथ में कई सारी चीजें ऐसी भी है जो महिला और पुरुष दोनों के जीवन की व्याख्यान करती हैं।

7.  भारत में कुछ ही मंदिर ऐसे है जो इस तरह से बने हुए हैं। जिसमें स्त्री और पुरुष का अजीब तरह से चित्रण किया गया है। इस मंदिर के बारे में कई तरह के सवाल खड़े किए जाते हैं कि मंदिर जैसी पवित्र जगह पर इन मूर्तियों का क्या काम लेकिन इस मंदिर में हजारों की संख्या में पर्यटक आते है। 

 


Recently Added Articles