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दरिद्र योग कर देता है अमीर को भी कंगाल

दरिद्र योग कर देता है अमीर को भी कंगाल

कुंडली में ग्रहों के बिगड़ने से आपके सुधरे काम अचानक से बिगड़ने लगते हैं। इसका कारण और कुछ नहीं है बल्कि शुभ ग्रहों का अशुभ ग्रहों के साथ मिल जाना है। दरअसल, जब कोई शुभ ग्रह अशुभ ग्रह के संपर्क में आ जाता है तो जातक की कुंडली पर संकट मंडराने लगते हैं। दरिद्र योग के नाम से ही साफ है कि इस योग के बनने से जातक आर्थिक संकट से जूझने लगता है।

कैसे बनता हैं कुंडली में दरिद्र योग

1.  जब बृहस्पति ग्रह 6 से 12 वें भाग में स्थित हो तो दरिद्र योग बनता है।

2.  यदि शुभ ग्रह केंद्र में हो और पाप ग्रह धन भाव में हो तो जातक दरिद्र योग की चपेट में आ जाता है।

3.  जब चंद्रमा से चतुर्थ स्थान पर पाप ग्रह बैठा हो तो जातक निर्धनता की तरफ बढ़ जाता है।

4.  इसके बनने का एक बड़ा कारण यह भी है कि जब धन भाव का स्वामी स्थित हो और केंद्र में शनि मंगल की युति हो तो यह जातक की कुंडली में द्ररिदता उत्पन्न कर देता है।

इन सभी योगों की सही पहचान जन्म विवरण के आधार पर online kundali in hindi के माध्यम से आसानी से की जा सकती है।

दरिद्र योग से होने वाले प्रभाव

इसके प्रभाव से व्यक्ति कंकाली की कगार पर आ जाता है। उसके पास खाने तक के लाले पड़ जाते हैं। दिन-प्रतिदिन किसी न किसी काम में नुकसान होने लगता है। हर समय झगड़े होने लगते हैं, परिवार में अशांति जगह बना लेती है। इसके प्रभाव में बुरा असर पड़ता है कारोबार में घाटा होने लगता है या फिर यूं कहें कि गरीबी की दीवारें आगे आने लगती है।

कही आपकी कुंडली में भी दरिद्र योग तो नहीं हैं। जानिए भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषियों से बात करके। अभी जाने

astrology in Hindi में इस योग को अत्यंत अशुभ माना गया है, क्योंकि यह सीधे व्यक्ति की आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करता है।

दरिद्र योग से बचने के उपाय

इसी के साथ इसे कम करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं, जिन्हें जानकर यदि आप इन पर अमल करेंगे तो दरिद्र योग से जरूर मुक्ति मिलेगी:

1.  धन की देवी माता लक्ष्मी है और दरिद्र योग धन को ही प्रभावित करता है। इसलिए प्रतिदिन माता लक्ष्मी का पूजन करें।

2.  हर शुक्रवार को माता लक्ष्मी का व्रत रखें। लक्ष्मी जी का पूजन विष्णु भगवान के साथ करें

3.  माता लक्ष्मी को खुश करने के लिए भगवान विष्णु को भी खुश करना जरूरी है, इसलिए एकादशी के दिन भगवान विष्णु का उपवास रखें और द्वादशी के दिन चावल का दान करें।

4.  पूर्णिमा के दिन भूखे को भोजन खिलाएं और खुद भगवान की उपासना में लीन होकर विधिपूर्वक व्रत और पूजन और हवन करें। 

5.  चांदी के श्री यंत्र में मोती जड़वा कर गले में लॉकेट पहने। जिससे जातक को दरिद्र योग से राहत मिलनी शुरू हो जाएगी और इसका प्रभाव भी धीरे-धीरे कम होने लगेगा।

6.  रविवार और गुरुवार को अन्न का दान करें। 

7.  दरिद्र योग से छूटकारें के लिए भगवान का पूजन संध्या के समय में भी जरूर करें और घर में दीपक जलाकर रखें। संध्या के समय में गर्मी दीपक जलाने से धन बढ़ता है।

8.  कारोबार में तरक्की के लिए कुबेर यंत्र को घर में रखें और व्यापार वाली जगह में भी जरूर लगाएं। 

9.  इस योग से मुक्त के लिए मनुष्य को धन की देवी को देवता को खुश करने की आवश्यकता होती है। यहीं कारण है कि माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर का पूजन और हवन उपायों में सम्मलित किया गया है।

  10.बताएं उपायों को नियम पूर्वक करें।

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