एस्ट्रोस्वामीजी की ओर से नववर्ष 2020 की हार्दिक शुभकामनाये! अभी साइन-अप करे और पायें 100 रु का मुफ्त टॉक-टाइम ऑनलाइन ज्योतिष परामर्श पर!

यमुनोत्री धाम का इतिहास और मान्यता

युमना नदी का जल जगह पर प्रवाहित होता है लेकिन क्या आप जानतें वास्तव में इनका स्थान कहां यानि कि असल में मां युमना कहां निकल रही है। इनके अस्तिव के बारें में जानने के लिए आपको हमारा साथ देना होगा। चलिए आज हम इन्हीं के पवित्र धाम यमुनोत्री से जुड़े इतिहास को बतातें हुए पूरी जानकारी देंगे।

दरअसल यमुनोत्री धाम अपने आप में बड़ी मान्यता रखता है। जो चार धाम तीर्थ यात्रा का एक हिस्सा है। यहीं से चार धाम की यात्रा की शुरूआत होती है। आपको बता दें कि यमुना नदीं का स्त्रोत उत्तरकाशी में गढ़वाल में स्थित है और यह गढ़वाल हिमालय में 3,293 मीटर की ऊचांई पर स्थित है।

 

यमुनोत्री मंदिर का इतिहास

मां यमनोत्री के मंदिर का इतिहास बताने से पहले हम आपको बता दें कि यमनोत्री मंदिर गढ़वाल हिमालय के समुंद्र तल से काफी ऊचाई पर मौजूद है। बता दें यह लगभग 3235 मीटर की ऊचांई पर स्थित है। शुरूआत में मंदिर को तीहरी नरेश ने 1839 में बनवाया था लेकिन दुर्भाग्यवश यमुनोत्री के बाढ़ की चपेत में आ गया था।  जिसके बाद मंदिर का निर्माण पूर्ण रूप से 19 वी शताब्दी में जयपुर के महारानी गुलारिया  और टिहरी गढ़वाल के राजा प्रतापगढ़ ने अपनी पूरा निष्ठा और भक्ति के साथ पूरा कराया।

 

यमुनोत्री धाम की यात्रा का महत्व

किसी भी यात्रा के पीछे कई सारे कारण और कथाएं छिपी होती हैं। ऐसे ही मां यमनोत्री के धाम की यात्रा का महत्व है। जिसके अनुसार कहा जाता है कि सूर्य देव की पुत्री युमना और पुत्र यमराज है। जब मां युमना नदी के रूप में पृथ्वी पर बहने लगी तो उनके भाई यमराज को मृत्यु लोक दिया गया। मां यमुना ने भाई दूज का त्योहार मनाया और यमराज ने मां गंगा से वरदान मांगने के लिए बोला। यमराज ने बहन यमुना की बात को सुनकर वरदान दिया कि जो भी तेरे पवित्र जल में स्नान करेगा। वो यमलोक का रास्ता कभी नहीं देखेगा। इसलिए कहा जाता है कि जो भी मनुष्य यमुगा के पवित्र जल में स्नान करता है तो वह अकाल मृत्यु के भय से दूर हो जाता है और मोक्ष को प्राप्त होता है। इसलिए यहां हजारों से भी ज्यादा की संख्या में भक्त आत है।

 

यमुनोत्री के कपाट खुलने का समय

पहाड़ों में बसी यमुनोत्री मंदिर में आने और जाने का समय निर्धारित है। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि कोई किसी भी समय आ जा सकता है। इसलिए मंदिर के कपाट खुलने का समय तय है बता दें कि मंदिर के कपाट अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर खोले जाते हैं यानी कि अप्रैल –मई के महीने में कपाट खुल जाते हैं। यात्रा शुरू हो जाती है। अक्टूबर और नवंबर में मंदिर के कपाट बंद कर दिया जाते हैं।

 

यमुनोत्री धाम की यात्रा की शुरूआत

जहां तक बात यात्रा की शुरुआत की है। बता दें कि यात्रा की शुरूआत सबसे पहले पांडवों ने की। पांडव उत्तराखंड को तीर्थ यात्रा पर आए थे तो भी पहले यमुनोत्री आए उसके बाद उन्होंने गंगोत्री और फिर केदारनाथ और बद्रीनाथ की ओर बढ़े। तभी से चार धाम की यात्रा की शुरूआत हुई।  तभी से ही यहां पर लाखों भक्तों का ताता लगा रहता है और सब अपनी मनोकामना को पूर्ण कराने के लिए यमुनोत्री से यात्रा की शुरूआत करते हुए चार धाम की पूरी यात्रा करते हैं।

मनुष्य अपने जीवन में अनेको पाप करता है। जिनका उद्धार यमुनोत्री के जल में स्नान करने से हो जाता है। पाप से मुक्ति पाने के लिए हर साल यहां भक्त आते हैं। कलियुग में किये पाप से मुक्ति पा लेते हैं।

Recently Added Articles
वास्तु टिप्स जो हमेशा के लिए ख़त्म कर देगी सास-बहु के झगड़े
वास्तु टिप्स जो हमेशा के लिए ख़त्म कर देगी सास-बहु के झगड़े

सास-बहू का झगड़ा घर घर की कहानी है और हर घर में सास-बहू के झगड़े होते हुए नजर आएंगे। कई घरों में सास-बहू के झगड़े काफी दुखदाई और  दर्दनाक हो जाते हैं ...

Tulsi Vivah 2020 - जाने तुलसी विवाह 2020 में पूजा समय, अब होंगे शुरु मांगलिक काम
Tulsi Vivah 2020 - जाने तुलसी विवाह 2020 में पूजा समय, अब होंगे शुरु मांगलिक काम

हिंदू कैलेंडर में सबसे शुभ दिनों में से एक तुलसी विवाह को माना जाता हैं। हिंदू शास्त्रों में इस तरीके का जिक्र आता है कि तुलसी विवाह का आयोजन घर में क...

Mercury Transit 2019 - वृश्चिक से धनु राशि में बुध गोचर 2019
Mercury Transit 2019 - वृश्चिक से धनु राशि में बुध गोचर 2019

क्या होता है गोचर ? गोचर का सामान्य शब्दों में अगर आपको अर्थ बताएं तो इसका अर्थ गमन यानी कि आगे बढ़ना चलना होता है।...

2020 में अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) कब हैं? तारीख व मुहूर्त
2020 में अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) कब हैं? तारीख व मुहूर्त

अक्षय तृतीया जिसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू समुदायों के लिए अत्यधिक शुभ और पवित्र दिन है।...


2020 is your year! Get your YEARLY REPORTS now and know what SURPRISES are hidden for you in 2020
Already Have an Account LOGIN