एस्ट्रोस्वामीजी की ओर से नववर्ष 2020 की हार्दिक शुभकामनाये! अभी साइन-अप करे और पायें 100 रु का मुफ्त टॉक-टाइम ऑनलाइन ज्योतिष परामर्श पर!

मंदिर जहाँ होती हैं मेंढक की पूजा, जानिए रहस्यमय कारण

मंदिर जहाँ होती हैं मेंढको की पूजा, जानिए रहस्यमय कारण

भारत की संस्कृति सबसे अनोखी और निराली मानी जाती है, यहां श्रद्धा भक्ति और विश्वास का जवाब नहीं है। भारत में पेड़-पौधों से लेकर जानवरों तक की पूजा पाठ की जाती है। यहां देवी-देवताओं के साथ उनके वाहनों और अन्य जीवों को भी पूजा जाता है। क्या आप जानते हैं कि भारत में ऐसा भी मंदिर है जहां पर मेंढक की पूजा की जाती है। यह बात हकीकत में दंग करने वाली है कि मेंढक का भी मंदिर होता है। चलिए हम आपको बताते हैं कि मेंढक का अजूबा मंदिर कहां पर है?

यह मंदिर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के गोयल कस्बे में है। गोयल में बना ये मंदिर भारत का इकलौता ऐसा मंदिर है, जहां पर देवी-देवता के मेंढ़क  का पूजन किया जाता है। दरअसल, माना गया है कि ओयल शैव संप्रदाय का प्रमुख केंद्रऔर यहां के शासक शिव के उपासक थे। जिन्होंने यहां पर राज किया था वे भगवान शिव को अपना परम गुरु और देव मानते थे। जो भगवान शंकर की पूजा-अर्चना और आराधना किया करते थे। यही कारण है कि इस कस्बे के बीच मंडूक यंत्र पर आधारित भगवान शंकर का मंदिर बना हुआ है।

दरअसल, ये मंदिर सदियों पुराना है और यहां पर 11वीं सदी से 19 वीं सदी तक चाहमान शासकों ने राज किया, चाहमान वंश के राजा बख्श सिंह ने अनूठे मंदिर को बनवाया था। कहा जाता है कि मंदिर की वास्तु परिकल्पना कपिला की एक महान तांत्रिक द्वारा कराई गई। मंदिर एक विशेष ढांचे की तरह बनवाया गया ताकि सबसे अलग मंदिर दिखे और मंदिर में भगवान शंकर के शिवलिंग की स्थापना की गई।

विशेष तरीके से बनाया गया मंदिर

मेंढक मंदिर बड़े ही अलग ढंग से बनाया गया है, आर्किटेक्चर ने कला का परिचय दिया। मंदिर में बड़ा- सा मेंढक बना हुआ है, जो देखने में बड़ा ही अद्भुत और विचित्र लगता है। दिखने पर प्रतीत होता है जैसे मेढ़क ने अपनी पीठ पर पूरे मंदिर को संभाला हो। यहां पर शंकर के शिवलिंग का पूजन किया जाता है।

सूखे और बाढ़ से प्रभाव से बचने के लिए किया था मंदिर का निर्माण

लखीमपुर खीरी में स्थित में का मंदिर लगभग 200 साल पुराना है, जो कि प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए बनवाया गया था। मेंढक मंदिर में रखी बड़ी विचित्र और शक्तिशाली है। यह शिवलिंग अपना रंग बदलती है। मेढ़क मंदिर में स्थित चमत्कारी शिवलिंग को देखने के लिए लोग यहां दूर-दूर से आते हैं और हर दीपावली और महाशिवरात्रि पर मंदिर का नजारा देखने लायक होता है। यहां पर हर मनोकामना को पूर्ण किया जाता है।

मंदिर में खड़े हुए नंदी की मूर्ति

मेंढक मंदिर की एक और विशेषता यह भी है कि यहां पर नंदी भगवान शंकर की सवारी है जो बैठी हुई रूप में नहीं बल्कि खड़े हुए रूप में स्थापित है। आज तक अपने हर जगह नंदी केवल बैठे हुए रूप में देखे होंगे लेकिन यह एक ऐसा मंदिर है जहां पर नंदी की मूर्ति खड़ी रहती है। कहा जाता है कि नंदी भगवान शंकर की शिवलिंग की रक्षा करते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं।

यदि आप भी चाहते हैं इस अनोखे मंदिर को देखना तो उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में जरूर जाएं एक नहीं बल्कि कई चमत्कार देख कर आए।

यह भी पढ़े:

भगवान राम की ये निशानियां | लगातार तरक्की के लिए कार्यक्षेत्र या वर्कप्लेस पर इन वास्तु उपायों का करें पालन | बचना हैं शनि के प्रकोप से तो करे ये 3 उपाय


Recently Added Articles
2021 Mangal Gochar: मंगल का मिथुन राशि मे गोचर, इन राशियों का चमकेगा सोया भाग्य
2021 Mangal Gochar: मंगल का मिथुन राशि मे गोचर, इन राशियों का चमकेगा सोया भाग्य

Mangal Gochar 2021 - अप्रैल माह मे मंगल का गोचर बहुत सारे पर्यावरण परिवर्तन लाएगा। ...

Vensu Transit in Aries - शुक्र का मेष राशि गोचर राशि प्रभाव और समाधान
Vensu Transit in Aries - शुक्र का मेष राशि गोचर राशि प्रभाव और समाधान

मेष राशि में शुक्र का परिवर्तन आपके जीवन को कई तरीकों से प्रेरित करने की सम्भावनाये ला रहा है।...


QUERY NOW !

Get Free Quote!

Submit details and our representative will get back to you shortly.

No Spam Communication. 100% Confidentiality!!