सम्पूरनवग्रा यंत्र

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सम्पूरनवग्रा यंत्र जानकारी

आइए आपको बताते हैं नवग्रह पूजा के लाभ और महत्व के बारे में, जिसे करने से आपको सभी कष्टों से मुक्ति मिलेगी। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार नवग्रह पूजा ग्रहों की दशा, उनके प्रभाव को सही करने के लिए की जाती है। इसमें 9 ग्रहों की दशा का विवरण होता है हमारे सौरमंडल में 9 ग्रह यानि सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु व केतु माने गये हैं। लेकिन राहु और केतु को विज्ञान के अनुसार ग्रह नहीं माना जाता, परन्तु यह बहुत ही प्रभावशाली ग्रह हैं।
इन सभी ग्रहों की शांति के लिए नवग्रह पूजा कराई जाती है। आइए आपको बताते हैं, इसकी पूजा से होने वाले लाभों के बारे में।
1 - नवग्रह पूजा में ऊँ ब्रह्मामुरारि त्रिपुरान्तकारी भानु: राशि भूमि सुतो बुध च। गुरू च शुक्र: शनि राहु केतव: सर्वेग्रहा: शान्ति करा: भवन्तु।
मंत्र का जाप करने से आपकी सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।
2 - प्रात: काल जल्दी उठकर नहाकर साफ वस्त्र पहनकर नवग्रहों की पूजा करें। इससे विवाह में आ रही सभी अड़चनें दूर होंगी।
3 - नवग्रह की मूर्ति के सामने आसन लगाकर रुद्राक्ष की माला से इन मंत्रों का पांच बार जाप करें।
4 - पूजा करने से पहले पहले सूर्य भगवान का आह्वान करें, क्योंकि सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं।
रोली से रंगे हुए लाल अक्षत और लाल रंग के पुष्प सूर्य भगवान को अर्पित कर उनका आह्वान करें।
5 - इसके पश्चात ॐ आ कृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यं च ।
हिरण्येन सविता रथेना देवो याति भुवनानि पश्यन्‌॥ इस मंत्र का जाप करें। इससे आपके घर में कभी कोई भी कठिनाई नहीं आएगी।
ये बताए हमने आपको दुर्गा पूजा और नवग्रह पूजा के लाभ और उनके महत्व के बारे में।

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