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केतु पूजा

पूजा का विवरण

राहु की पूजा के साथ केतु की पूजा करने से भी कई लाभ मिलते हैं।केतु की पूजा कुंवारी कन्यायों के लिए विशेष फलदायक होती है। इसे करने से उनकी शादी में आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं। 1. केतु पूजा में गणपति सहस्त्रनाम सहित गणेश पूजा करें और दूर्वा से उनका अभिषेक करें। इससे आपके मार्ग में आ रही सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी। 2. राहु-केतु की पूजा साथ में ही करें। इस दौरान सर्पाकार चांदी की अंगूठी धारण करें। यह आपकी मान प्रतिष्ठा को बढ़ाएगा। 3. केतु को प्रसन्न करने के लिए लहसुनिया युक्त केतु यन्त्र गले में धारण करें रहे। इस आपका ग्रह दोष कमजोर पड़ने लगेगा। 4. पूजा के पश्चात काले और सफेद कुत्ते को भोजन कराएंं। इससे आपके दुख के बादल जल्दी ही छटने लगेंगे। 5. भगवान गणेश और देवी मां के मंदिर में उनकी पूजा-अर्चना करने, जरूरतमंदों को दान देने और मछलियों एवं चीटियों को चीनी मिला आटा खिलाने से आपको पारिवारिक कलह से मुक्ति मिलेगी। 6. खटाई वाली चीजें जैसे नींबू , इमली या गोल-गप्पे लड़कियों को खिलाने से भी यह दोष खत्म होने लगता है। 7. केतु की पूजा के बाद गाय का दान दें या फिर उसकी सेवा करें। इससे आपको सभी कामों में सफलता हाथ लगेगी। ये बताये हमने आपको राहु और केतु पूजा के लाभ और महत्व। इन्हें करने के बाद कोई भी व्यक्ति दुखी नहीं रहता है। इसके साथ ही उसके इस पूजा और मंत्रो से सभी बिगड़े काम बन जाते हैं।