>
कई बार हमारे जीवन में ऐसा पल आता है कि हम खूब मेहनत करते हैं। अपने काम को पूरी हम लगन के साथ करते हैं लेकिन मेहनत का फल नहीं मिलता पाता। इसका मतलब हो सकता है कि आपके भाग्य में कुछ गलत हो रहा है यानी कि आपका साथ ग्रह नहीं दे रहे है। जिस कारण आपकी कुंडली में दोष लग गया जाता है। कुंडली दोष हमारे बिगड़े काम को नहीं बना देता।
ग्रहों के अशुभ योग से व्यक्ति को जीवन भर दुख भोगने पड़ जाते हैं। ऐसी भी योग के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। जिसके कुंडली में आने के प्रभाव से व्यक्ति का जीवन संकट में हो जाता है। जिसका जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है, आइए जानते हैं ऐसा कौन सा योग है जिसके प्रभाव से कुंडली प्रभावित होती है, जिसे online kundali in hindi के माध्यम से भी आसानी से पहचाना जा सकता है।
जिस के भाव से कुंडली प्रभावित होती है। चांडाल योग कुंडी को प्रभावित करता है, जिसमें गुरु और राहु के संयोग होने की वजह से जातक की कुंडली इतनी प्रभावित होती है कि वह गलत काम करने पर उतर जाता है। जी हां, चांडाल योग के दुष्प्रभाव यही है कि वह जातक को इस प्रकार से प्रभावित करता है। कि उसका चरित्र भ्रष्ट होने लगता है. वह बड़ों का आदर-सम्मान भूल जाता है। यहां तक कि पराई स्त्रियों की तरफ ध्यान आकर्षित कर देता है। गुरु ग्रह बड़े ही शुभचिंतक होते हैं लेकिन जब इनके केंद्र में राहु आ जाता है तो चांडाल योग का रूप ले लेता है यानी कि यह योग अच्छा नहीं माना जाता।
आपको बता दें कि जन्म कुंडली में गुरु लग्न पंचम, सप्तम, नवम और दशम भाव का स्वामी चांडाल योग बनाता है तो व्यक्ति को जीवन में बड़ा ही संघर्ष करना पड़ता है। बार-बार गलतियां कर नुकसान उठाना पड़ता है। यहां तक कि पद-प्रतिष्ठा भी खतरे में आ जाती है। यदि कुंडली में गुरु चांडाल योग प्रवेश करता है तो कुछ विशेष प्रभाव देखने को मिलते हैं। बताते हैं कि वह कौन-से प्रभाव है। जिससे कुंडली प्रभावित हो जाती है। यदि आप जानना चाहते हैं कि आपकी कुंडली में गुरु और राहु किस भाव में स्थित हैं, तो आप अपनी जन्म तिथि से कुंडली बनाएं और ग्रह स्थिति की सही जानकारी प्राप्त करें।
1. आप कुछ भी कर रहे होते हैं तो उसमें आपको नकारात्मक भाव देखने को मिलता है।
2. जब गुरु और राहु एक साथ बैठकर गुरु चांडाल योग बना रहे होते हैं तो व्यक्ति चरित्र वाला हो जाता है।
3.वहीं द्वितीय भाव बन रहा हो और जिसमें गुरु बलवान हो तो व्यक्ति धनवान होता है। वहीं यदि गुरु ग्रह कमजोर पड़ जाए तो जातक नशे का भी आदी हो जाता है।
4.चांडाल योग में राहु के बलवान होने पर व्यक्ति गलत कार्यों में लग जाता है। इसमें शराब पीना, जुआ खेलना आदि सम्मलित है।
5.जीवन में सुख शांति का अभाव होने लगता है।
इन सबसे बचने के लिए कुछ उपाय बताए जाते हैं। जिन्हें जान लेना बेहद जरूरी है क्योंकि चांडाल योग जीवन को तहस-नहस कर देता है।
1. गुरु चांडाल योग को समझने के लिए जानना जरूरी है कि इसमें राहु सबसे ज्यादा प्रभावित करता है यानी कि आपको राहु को खुश करना होगा और राहु को शांत करने के लिए मंत्रों का जाप किया जाता है।
2. यदि यह दोष गुरु की शत्रु राशि में बन रहा हो तो राहु और गुरु को खुश करने के लिए शांति उपाय करने की जरूरत पड़ती है। इसके लिए नियमित रूप से गाय को चारा खिलाना और भगवान हनुमान की आराधना करना शामिल है।
3. किसी भी कष्ट को दूर करने के लिए भगवान की आराधना सर्वोपरि मानी जाती है और चांडाल योग से मुक्ति पाने के लिए शिव की आराधना करें। भगवान शिव पर जलाभिषेक करें।
4. गुरु के दुष्प्रभाव से बचने के लिए केले का पूजन करें और हल्दी और चंदन का तिलक लगाएं।
5. राहु-गुरु मंत्र जाप और पूजा पाठ कर, घर में हवन और होम कराएं। साथ ही कुछ वस्तुएं भी दान करें।
कुंडली में नाड़ी दोष कैसे बनता है, इसका असर क्या होता है और सही उपाय क्या हैं। Vedic Expert से Free, Accurate और Trusted रिपोर्ट, Instant Solution के ...
Nadi Dosh Kya Hota Hai यह शादी और कुंडली मिलान में क्यों जरूरी है, जानें इसके प्रभाव, पहचान के तरीके और ज्योतिष अनुसार आसान समाधान।...
Nadi Dosh Ke Upay जानें। कब दोष लगता है, कब खत्म होता है और शादी पर असर क्या पड़ता है — एक्सपर्ट गाइड 2026 में पढ़ें।...