कब होता हैं कुंडली में अल्पायु योग

बुरे योग के प्रभाव से जीवन में परेशानियां बढ़ जाती हैं। आप जो चाहते हैं वो कर नहीं पाते है। सब कुछ विपरीत होने लगता है। ऐसे ही योग के बारे में आज मैं आपको बता रहे हैं। जिसका प्रभाव सीधे आपके जीवन पर पड़ता है। इस योग से बचने के लिए क्या करना है, किस तरह आप इससे मुक्ति पा सकते हैं और हम चलिए हम आपको विस्तार से अल्यागु योग के बारे में बताते है।

क्या हैं अल्पायु योग

अल्पायु योग वह है, जब जातक की कुंडली में चंद्र ग्रह, पाप ग्रहों के साथ मिलकर संकट उत्पन्न करता है। दरअसल, अल्पायु योग में चंद्रमा ग्रह अन्य पाप ग्रहों के साथ तीर्थ स्थान पर बैठ जाता है और खुद शक्तिहीन हो जाता है। इसका प्रभाव इतना संकट में होता है कि जीवन को बचा पाना आसान नहीं होता।

कुंडली में अल्पायु योग से बचने के अचूक उपाय

यदि किसी व्यक्ति पर लग्नेश बहुत कमजोर हो जाता है और उस पर सभी पापी ग्रह अपनी दृष्टि डाल रहे होते हैं। ऐसे व्यक्ति पर निश्चित रूप से अल्पायु योग बन जाता है। साफ तौर पर कहा जाए तो इस योग के प्रभाव से जातक का जीवन प्रभावित हो जाता है। उसकी आयु पर संकट मंडराने लगता है। यानी कि मौत के दरवाजे खुल जाते हैं। अब सवाल यह है कि इसका उपाय क्या हो सकता है, जब आपकी कुंडली में पापी ग्रह डाल देते हैं तो निश्चित रूप से उत्पन्न हो ही जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है उनका कोई उपाय नहीं होता। उपाय भी जरूर है हम आपको कुछ उपाय बता रहे हैं। जो अल्पायु योग के प्रभाव को दूर कर सकते हैं।

उपाय 

1. जीवन के संकट से बचने के लिए शिव का जलाभिषेक करें। प्रतिदिन मंदिर  में जाए और भगवान को पुष्प अर्पित करें। 

2. महामृत्युंजय का जाप करें। पूरे नियम से प्रतिदिन 10 माला का जाप करें। इससे आपकी आयु दीर्घ होगी। 

3. बड़ों का सम्मान करें और प्रतिदिन माता-पिता से पैर छूकर आशीर्वाद लें ताकि आपको दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त हो। साथ ही प्रतिदिन वृद्धाश्रम जाए और वृद्धों की सेवा करें। 

4. भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सोमवार का व्रत करें और अपने हिस्से का भोजन गरीबों को खिलाएं। कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा गरीबों में दान दें। 

5. रविवार का दिन छोड़कर हर रोज पीपल की परिक्रमा करें। आपको अल्पायु योग से मुक्ति मिलेगी। 

6. अनिष्ट पापी ग्रह को टालने के लिए कालों के काल महाकाल की पूजा करें। उन्हें खुश करने की कोशिश करें। 

7. ओम चंद्रमौली देवाय नमः मंत्र का पूर्णिमा को जाप करें। अमावस्य के दिन भगवा शिव के मंदिर जाएं। भगवान शंकर को स्वच्छ जल, जिसमें काले तिल मिले हो। गंगाजल मिलाकर अर्पित करें। याद रहे कि भगवान शिव सफेद फूलों से प्रसन्न होते हैं इसलिए भगवान को सफेद फूल भी भगवान को अर्पित करें। 

8. दिए गए उपायों को यदि आप नियम पूर्वक करेंगे तो आपकी कुंडली में पनप रहे पापी ग्रहों का नाश होगा।

उम्मीद करते हैं कि हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी।

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