>
आप दिल्ली की शान के बारें में जानते ही होंगे। दिल्ली पुरानी इमारतों और धरोहरों को लेकर ना केवल भारत में मशहूर है बल्कि विश्व भर के तीर्थ स्थलों में भी शामिल है।
दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर के बारे में आपने अक्सर सुना ही होगा, तो क्यों न इसके बारे में पूरी जानकारी ली जाए, ताकि इस बार गर्मियों की छुट्टियों में आप अक्षरधाम घूमने जाने का प्लान बना सकें। कई लोग अपनी यात्रा को शुभ बनाने के लिए Astrology in Hindi के माध्यम से शुभ तिथि और ग्रहों की स्थिति की जानकारी लेते हैं, जिससे यह धार्मिक यात्रा और भी सुखद व यादगार बन सके। यकीनन आपको यह अनुभव बेहद पसंद आएगा, इसलिए अभी से इसकी तैयारियां शुरू कर दें।
अक्षरधाम मंदिर का इतिहास (Akshardham Temple Histroy)
वैसे तो अक्षरधाम मंदिर दो हैं, एक गुजरात में और एक दिल्ली में, लेकिन आज हम आपको दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के बारे में पूरी जानकारी देंगे। दरअसल, इसका पूरा नाम स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर है, जो भारत के शानदार हिंदू मंदिरों में शामिल है। हम आपको बता दें कि 2005 में इस मंदिर का पूर्ण निर्माण हो गया था और 6 नवम्बर को इसे आधिकारिक रूप से खोल दिया गया। तब से यहां दिल्ली आने वाले लगभग 70% यात्री इस मंदिर की भव्यता देखने जरूर आते हैं।
कई श्रद्धालु अपनी यात्रा को शुभ बनाने के लिए Online kundli in hindi देखकर शुभ दिन और समय का चयन भी करते हैं। इसकी सुंदरता की बात करें तो इसे महर्षि वास्तु आर्किटेक्चर के अनुसार डिजाइन किया गया है, जो 141 फुट ऊँचा और 356 फुट लंबा फैला हुआ है। इसकी सजावट में फूलों के साथ-साथ दीवारों को पशु, संगीतकारों और अनुयायियों की कलाकृतियों से सजाया गया है।
इसें राजस्थानी गुलाबी पत्थर और इतालियन कार्रारा मार्बल से आर्कषित तरीके से बनाया गया है। मंदिर में 234 आभूषित किये हुए पिल्लर, 9 गुम्बद और 20,000 अनुयायियों की मूर्तियां बनाई गई है। मंदिर में गजेन्द्र पीठ भी शामिल है और हाथी के लिए भी एक पिल्लर भी बना हुआ है। आपको बता दें अक्षरधाम मंदिर में 148 विशाल हाथी बनाए गए है। जिनका वजन तक़रीबन 3000 टन है।
अक्षरधाम मंदिर में कई देवी-देवताओं की भव्य मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं। बता दें कि मंदिर के बीच के गुम्बद के नीचे 3.4 मीटर ऊँची स्वामीनारायण भगवान की दिव्य मूर्ति विराजित है। इसके साथ ही भगवान शिव-पार्वती, सीता-राम, कृष्ण-राधा, लक्ष्मी माता और भगवान नारायण की सुंदर मूर्तियों से अक्षरधाम मंदिर अत्यंत सुशोभित है। माना जाता है कि यहां दर्शन करने आने वाले कई भक्त अपने वैवाहिक जीवन की शुभ शुरुआत के लिए कुंडली मिलान करवाने के बाद इस पवित्र स्थल पर आशीर्वाद लेने भी आते हैं। मंदिर की पवित्रता और सुंदरता को देखने लोग दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं।
यहां आकर भक्तों को तीर्थ के साथ-साथ घूमने का भी मौका मिलता है। जिस कारण इस मंदिर में पर्यटक आते रहते है।
कुंडली में नाड़ी दोष कैसे बनता है, इसका असर क्या होता है और सही उपाय क्या हैं। Vedic Expert से Free, Accurate और Trusted रिपोर्ट, Instant Solution के ...
Nadi Dosh Ke Upay जानें। कब दोष लगता है, कब खत्म होता है और शादी पर असर क्या पड़ता है — एक्सपर्ट गाइड 2026 में पढ़ें।...
Nadi Dosh Kya Hota Hai यह शादी और कुंडली मिलान में क्यों जरूरी है, जानें इसके प्रभाव, पहचान के तरीके और ज्योतिष अनुसार आसान समाधान।...
संतान प्राप्ति में बाधा आ रही है? जानें ज्योतिष अनुसार कारण और प्रभावी उपाय। Vedic expert द्वारा tested समाधान, आज ही पढ़ें।...