एस्ट्रोस्वामीजी की ओर से नववर्ष 2021 की हार्दिक शुभकामनाये! अभी साइन-अप करे और पायें 100 रु का मुफ्त टॉक-टाइम ऑनलाइन ज्योतिष परामर्श पर!

वैष्णो देवी के दर्शन के बाद, क्यों जरूरी है भैरवनाथ के दर्शन

वैष्णो देवी के दर्शन के बाद, क्यों जरूरी है भैरवनाथ के दर्शन

यह कहा जाता है की पर्वतो की रानी माता वैष्णो देवी अपने भक्तो की हर मुराद पूरी करती हैं जो भक्त सच्चे दिल से माता के दरबार में जाता है माता रानी उसकी मुराद जरूर पूरी करती हैं यही सच्चा दरबार है माता वैष्ण देवी का दरबार। जब भी माता का बुलावा आता है तो भक्त माँ के दरबार में कोई न कोई बहाना लेकर पहुंच जाते हैं माँ वैष्णो देवी का दरबार जो की त्रिकूट पर्वत में स्थित है हिन्दू लोगो के लिए एक बहुत ही पवित्र तीर्थ स्थल है

दूर - दूर से आते हैं भक्त दर्शन के लिए

जहां लाखों यात्री दूर-दूर से माता के दर्शनों के लिए आते हैंमां वैष्णो देवी का मंदिर कटरा से 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यह मंदिर 5200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है हर साल लाखों की यात्रा में भक्त माता के दर्शन करने आते हैंघंटों की चढ़ाई करने के बाद उन्हें माता रानी के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होता है

आखिर क्यों जरूरी हैं बाबा भैरवनाथ के दर्शन

लेकिन भक्तों की यह यात्रा भैरव बाबा के दर्शन किए बिना पूरी नहीं होतीयह कहा जाता है कि माता वैष्णो देवी की यात्रा का फल भक्तों को भैरव बाबा के दर्शन के बिना नहीं मिलता

आखिर ऐसा क्यों माना जाता है कि भक्तों की यात्रा भैरव बाबा के दर्शन चाहिए बिना पूरी नहीं होती आज हम इसके बारे में विस्तार से आपको बताएंगे

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह कहा जाता है कि एक बार माता वैष्णो देवी के भक्तों ने नवरात्रि के अवसर पर कुंवारी कन्याओं को आमंत्रित किया इस उपलक्ष में माता रानी भी एक कुंवारी कन्या के रूप में उपस्थित हुएमाता रानी ने श्रीधर को गांव के सब लोगों को निमंत्रण देने के लिए कहा और साथ ही भंडारे के लिए दान करने के लिए भी कहा

निमंत्रण मिलने के बाद गांव के बहुत सारे लोग श्रीधर के बुलावे पर भंडारे में उसके घर पहुंचे जिसके पश्चात माता वैष्णो देवी जो कि एक कुंवारी कन्या के रूप में वहां उपस्थित थे सब लोगों को खाना परोसना शुरू कियाखाना परोसते परोसतेमाता रानी भैरवनाथ के पास पहुंची परंतु भैरवनाथ ने उस खाने को मना करते हुए मांस और मदिरा की मांग की और उसी की जिद करने लगे माता रानी ने भैरवनाथ को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह टस से मस न हुए और फल स्वरुप वह क्रोधित होते हुए माता रानी को वहां से बंदी बना कर ले जाने लगे परंतु ठीक उसी समय त्रिकूट पर्वत से तेज हवाएं आने लगी

जिसका फायदा उठाते हुए माता रानी वहां से भाग निकली और पर्वतों पर स्थित एक गुफा में जाकर छुप गईभैरवनाथ से बचते हुए माता रानी ने वहां 9 महीने तक तपस्या कीकहा जाता है कि हनुमान जी ने इस बीच माता रानी की पूरे समय वहां रक्षा की

कुछ समय बाद माता रानी को ढूंढते ढूंढते भैरवनाथ भी वहां आ पहुंचे जिसका आभास पाकर माता रानी गुफा के दूसरे द्वार से निकल गई यह गुफा आज अर्ध कुमारी या अर्ध कुंड के नाम से जानी जाती है 

गुफा के दूसरे द्वार से निकलने के बाद भी भैरवनाथ ने माता का पीछा नहीं छोड़ा जिसके फलस्वरूप गुस्से में आकर माता रानी ने महाकाली का अवतार लिया और भैरवनाथ की हत्या कर दी

भैरवनाथ का सर उनके धड़ से अलग होकर वहां से 8 किलोमीटर दूर जाकर भैरव घाटी में गिरा जो कि त्रिकुटा पर्वत पर ही स्थित है वह स्थान आज भैरव नाथ के मंदिर के रूप में जाना जाता है

अपना सर धड़ से अलग होने के बाद भैरवनाथ को अपनी गलती का एहसास हुआ और वह माता रानी से गलती की क्षमा मांगने लगे

दयालु माता रानी ने इसके फलस्वरूप ना सिर्फ भैरवनाथ को माफ किया बल्कि उन्हें यह वरदान भी दिया कि जो भी श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए आएगा उसकी यात्रा भैरवनाथ के दर्शनों के बिना पूरी नहीं होगी

इसी मान्यता के अनुसार माता के भक्त उनके दर्शनों के पश्चात 8 किलोमीटर की और चढ़ाई करके भैरवनाथ के दर्शनों के लिए जाते हैं जिससे उनकी प्रार्थना पूरी हो सके और उन्हें माता वैष्णो देवी के दर्शनों का पूरा लाभ मिल सके

अंग्रेजी अनुवाद पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे।


Recently Added Articles
Sawan 2021 : इस दिन होंगे सावन व्रत 2021 तिथि और महत्व
Sawan 2021 : इस दिन होंगे सावन व्रत 2021 तिथि और महत्व

हिंदू धर्म के अत्यंत पवित्र महीने सावन की शुरुआत 25 जुलाई 2021 से हो गई है। सावन का महीना महादेव को अर्पित होता है।...

Saptahik Rashifal - साप्ताहिक राशिफल (20 से 26 सितम्बर) 2021, जानिए इस हफ्ते सितारों की चाल
Saptahik Rashifal - साप्ताहिक राशिफल (20 से 26 सितम्बर) 2021, जानिए इस हफ्ते सितारों की चाल

साप्ताहिक राशिफल के अनुसार, यह सप्ताह आपकी राशी  में चंद्रमा शुक्र के साथ में द्वितीय घर में है जो की बहुत ही अच्छी स्थिति है निश्चित कह सकते हैं...

Raksha Bandhan 2021: राशि के अनुसार चुने राखी का शुभ रंग, चमक जायेगी भाई की किस्मत
Raksha Bandhan 2021: राशि के अनुसार चुने राखी का शुभ रंग, चमक जायेगी भाई की किस्मत

भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का सबसे बड़ा त्यौहार "रक्षाबंधन" श्रावण मास के शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को मनाया जाता है।...

Saptahik Rashifal 2021 - सप्ताहिक राशिफल 2021 (13 से 20 सितम्बर)
Saptahik Rashifal 2021 - सप्ताहिक राशिफल 2021 (13 से 20 सितम्बर)

मेष राशि सप्ताहिक राशिफल (Mesh Rashi Saptahik Rashifal) के अनुसार आपका राशि स्वामी मंगल आपकी राशि से छठे स्थान पर बुध के साथ में अति शत्रु घर में है।...