एस्ट्रोस्वामीजी की ओर से नववर्ष 2020 की हार्दिक शुभकामनाये! अभी साइन-अप करे और पायें 100 रु का मुफ्त टॉक-टाइम ऑनलाइन ज्योतिष परामर्श पर!

रविवार व्रत करने की विधि और लाभ

रविवार का व्रत दे सकता हैं अच्छे लाभ

रविवार के दिन लोग भगवान सूर्यदेव की पूजा करते है ताकि उनका जीवन सही बना रहे और कोई समस्या उत्पन्न न हो। इस दिन लोग व्रत करके अपने कष्टों से मुक्ति पाने और असीम सुखों के लिए करते है। बता दें कि नारद पुराण में भी यही बताया गया है कि रविवार के दिन सूर्य भगवान की पूजा करना काफी शुभ माना जाता है और व्रत तो बहुत शुभ माना जाता है। तो आइये आज हम रविवार व्रत के बारे में और जानेंगे जैसे यह क्यों किया जाना चाहिए, इसके क्या फायदे है और क्या विधि है।

रविवार के दिन व्रत करने के ये है कुछ लाभ

1) रविवर व्रत या रविवार का उपवास भगवान सूर्य को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस दिन व्रत करने से सूर्य देव से आशीर्वाद मिलता है। रविवार का व्रत और आदित्य ह्रदय स्तोत्रम (आदित्य, सूर्य देव की स्तुति में गाए गए पवित्र भजन) का जाप करने से आपको निम्नलिखित लाभ मिलते है।

2) इस दिन व्रत करने से आपको पापों से मुक्ति मिलती है।

3) जबकि साथ ही विभिन्न बीमारियों से भी मुक्ति मिलती है।

4) एक उज्ज्वल स्वभाव, तेज बुद्धि और स्वास्थ्य प्राप्त करने में यह व्रत काफी लाभदायक माना जाता है।

5) घर परिवार में आनंद बना रहता है।

6) इसके अलावा रविवार व्रत करमे से लोगों के बीच पनपा संदेह दूर होता है।

7) चिंताओं और दुखों से मुक्ति।

यह है रविवार व्रत की विधि

भक्त सूर्य देव को जल अर्पित करने और पूजा करने के साथ रविवार की सुबह व्रत या उपवास शुरू करते हैं। जैसा कि सूर्य देव का रंग लाल है, तो उनकी मूर्ति भी लाल रंग की रखनी चाहिए और उसे लाल कमल जैसे फूलों से सजाया जाना चाहिए। पूजा में धूप, चंदन का पेस्ट, गेहूं के दाने और विशेष रूप से तैयार पकवानों को चढ़ाकर भोग लगाया जाता है। परामर्श करे हमारे प्रसिद्ध व अनुभवी ज्योतिषियों से और जाने की इस रविवार के दिन ऐसा क्या करे जिससे होगा भाग्य उदय। अभी बात करने के लिए क्लिक करे! फिर व्रत की शुरुआत रविवार व्रत कथा के पाठ के साथ होती है और अगली सुबह सूर्य के दर्शन तक जारी रहती है। इसके बाद इसका समापन सूर्य देवता को जल अर्पित करने के साथ किया जाता है। लोग उपवास के दौरान एक बार भोजन कर सकते हैं। जबकि पूजा अर्चना के बाद व्रत करने वाले लोगों को गरीबों को भिक्षा देनी चाहिए जो बहुत शुभ मानी जाती हैं।

कब करे रविवार व्रत की शुरुवात

ज्योतिषों की मानें तो हिन्दू कैलेंडर के आश्विन मास (सितम्बर-अक्टूबर) में शुक्ल पक्ष में प्रथम रविवार को व्रत का आरंभ करना बहुत शुभ माना जाता है। तो हम आशा करते है कि आपको रविवार व्रत के बारे में यहाँ पर्याप्त जानकारी मिल गयी होंगी।

रविवार व्रत करने की विधि और लाभ का अंग्रेजी अनुवाद पढ़ने के लिए क्लिक करे


Recently Added Articles
Sawan 2021 : इस दिन होंगे सावन व्रत 2021 तिथि और महत्व
Sawan 2021 : इस दिन होंगे सावन व्रत 2021 तिथि और महत्व

हिंदू धर्म के अत्यंत पवित्र महीने सावन की शुरुआत 25 जुलाई 2021 से हो गई है। सावन का महीना महादेव को अर्पित होता है।...


QUERY NOW !

Get Free Quote!

Submit details and our representative will get back to you shortly.

No Spam Communication. 100% Confidentiality!!