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पंडित शक्ति श्रीमाली

कौशल : वैदिक-ज्योतिष
भाषा : हिंदी
अनुभव : 25 साल
₹ 15 /मिनट
174 मिनट
391 मिनट
ऑफ़लाइन

विशेषज्ञता

वैदिक-ज्योतिष

पंडित शक्ति श्रीमाली के बारे में

प्रख्यात अंतर्राष्ट्रीय भविष्यवक्ता ज्योतिष, धर्म, दर्शन, तंत्र- मंत्र आदि अनेक शास्त्रों के ज्ञाता वेद विद्या निपुण प्रकांड विद्वान ज्योतिर्विद पंडित शक्तिमोहन श्रीमाली का जन्म एक सुसंस्कृत ज्योतिष सेवी प्रतिष्ठित श्रीमाली ब्राह्मण परिवार में हुआ | इतिहास के पन्नों पर उपलब्ध प्रमाणों के अनुसार इस परिवार के मूर्धन्य मूल पुरुष अनंत विभूषित श्री व्यास अंबाजी को सन 1531 में मारवाड़ के महाराजा मालदेव ने लाहौर से जोधपुर आमंत्रित किया था | मारवाड़ की धरती पर आगमन के समय से इनकी पीढ़ी के उत्तराधिकारी वंशजों में ज्योतिष, धर्म, दर्शन, तंत्र- मंत्र गणित एवं खगोल विज्ञान आदि विषयों के अनेक ऐसे प्रकांड विद्वान हुए जिनके लिखे विभिन्न विषयक लेख, बहु उपयोगी गणितीय सारणियाँ, मिर्जा राजा जयसिंह के समय सन 1646 में प्रारंभ की गई जय विनोदी पंचांग निर्माण परंपरा, सवाई जयसिंह ( सन 1700 - 1727 ) के काल के समय भारत वर्ष में निर्मित वेधशालाओं के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान ज्योतिर्विज्ञान के इतिहास में स्वर्णाक्षरों से अंकित है | वेद मंत्रों की ध्वनि से गुंजित परिवेश में परिपोषित पंडित शक्ति मोहन श्रीमाली ने अपने आध्यात्मिक पारिवारिक गुरु सत्संप्रदायआचार्य पंडित श्री 108 गिरिजा प्रसाद जी द्विवेदी की नित्य वंदना करते हुए जगत जननी मां जगदंबा की अराधना के साथ-साथ शिक्षा प्राप्त करते हुए धर्म, ज्योतिष, तंत्र -मंत्र आदि विविध ग्रंथों का अध्ययन चिंतन व मनन किया | जयपुर राज्य के प्रधान राज ज्योतिषी पंडित श्री मदनमोहन शर्मा के कनिष्ठ पुत्र शक्ति मोहन श्रीमाली द्वारा लिखित लगभग 100 अनुसंधानत्मक लेख राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, आपका भविष्य, दृष्टि संचार आदि विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं | आपको थर्ड साउथ एशियन एस्ट्रोलॉजर्स कॉन्फ्रेंस काठमांडू द्वारा मां गुय्हेश्वरी गुह्येश्वरी अवार्ड, अखिल भारतीय श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्था पुष्कर द्वारा महाकवि माघ सम्मान, राजस्थान ब्राह्मण महासभा गुलाबी नगर परकोटा जयपुर द्वारा विशिष्ट विद्वत सम्मान तथा कालजई इंटरनेशनल परा एवं ज्योतिष वास्तु शोध संस्थान द्वारा सम्मान पत्र तथा ज्योतिष मार्तंड की उपाधि से अलंकृत किया गया है | आपके द्वारा की गई राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर की भविष्यवाणियां तथा संदिग्ध व्रत- पर्व निर्णय दैनिक भास्कर, डेली न्यूज़, राजस्थान पत्रिका, दैनिक नवज्योति आदि विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं | जगद्गुरु रामानंदाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर से ज्योतिष शास्त्र ज्ञानार्जित आगम ज्योतिष विज्ञान शोध संस्थान के अध्यक्ष पंडित शक्ति मोहन श्रीमाली की अनेक शोध कार्यों में रत रहते हुए कई वर्षों तक “पंचांग दर्पण” नामक पंचांग के संपादन में अहम भूमिका रही है | आपने स्वप्न और पूर्वाभास विषय पर निरंतर 2 वर्षों तक अनुसंधान करने के उपरांत “स्वप्न और पूर्वाभास रहस्य एक शोध प्रबंध” नामक एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ लिखा है यह चौखंबा सुरभारती प्रकाशन बनारस से प्रकाशित हुआ है |

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रेटिंग और समीक्षाएं

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K
★★★★★
Friday, 23 October 2020
wow good
D
★★★★★
Saturday, 10 October 2020
S
★★★★★
Thursday, 01 October 2020
S
★★★★★
Tuesday, 29 September 2020