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Ganesh Chaturthi in Hindi

शास्त्रों में भगवान गणेश को प्रथम देवता बताया गया है। इस प्रकार की कथाएं और कथाएं हमारे ग्रंथों में मौजूद हैं, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा है कि भगवान श्री गणेश की पूजा करने से सबसे पहले उपासक को विशेष लाभ मिलता है और वह पूजा सफल होती है जिसमें भगवान श्री गणेश की पूजा सबसे पहले होती है। हिन्दू कलैण्डर में प्रत्येक मास की दो चौथाई होती है, हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान गणेश की चतुर्थी तिथि बताई गई है। अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी और पूर्णिमा के बाद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को समशष्टी चतुर्थी कहते हैं। सिद्धि विनायक चतुर्थी का व्रत हर महीने होता है, इस व्रत को बहुत ही महत्वपूर्ण व्रत बताया गया है। चतुर्थी के नियमों को नियमानुसार करने से जातक का जीवन बड़े कष्टों और क्लेशों का अंत करने लगता है।

जीवन की अनिश्चितताओं को अवसर में बदलने का मार्ग तभी खुलता है जब आप सही समय पर ज्योतिष परामर्श प्राप्त करते हैं।

हर महीने गणेश चतुर्थी का व्रत लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाता है. वहीं इस व्रत का शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी चीजों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यदि पति-पत्नी के बीच कलह हो, या घर में किसी का स्वास्थ्य हमेशा खराब रहता हो, तो विनायक चतुर्थी का ऐसा व्रत भगवान श्री गणेश की विशेष कृपा है और उस घर के कष्ट दूर होने लगते हैं। विनायक चतुर्थी का व्रत और हर माह करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है।

Ganesh Chaturthi in Hindi 2025 का शुभ मुहूर्त सितंबर के महीनें में कब है?

सितंबर 2025 में गणेश चतुर्थी 10 सितंबर दिन बुधवार को पड़ रही है। विनायक चतुर्थी यानी गणेश पूजा का समय 10 सितंबर दिन बुधवार को श्याम 04:57 बजे शुरू होने जा रहा है और 11 सितंबर को सुबह 12:54 बजे तक रहेगा।

कई जगहों पर हिंदू धर्मग्रंथों में भी बताया गया है कि रोज की तरह यह व्रत विनायक चतुर्थी को किया जाता है. इस व्रत के बारे में किसी को न बताया जाए तो यह व्रत अधिक फल देता है। संत के अनुसार गणेश चतुर्थी व्रत का व्रत जितना कम होता है उसका फल उतना ही कम मिलता है. गणेश चतुर्थी का व्रत करने वाला व्यक्ति अपने लिए करता है और यदि वह इस व्याख्यान को चारों तरफ से करता है या सभी को बताता रहता है कि उसने गणेश चतुर्थी का व्रत किया है, तो इस व्रत का लाभ प्राप्त नहीं किया जा सकता है।

गणेश चतुर्थी 2025 दिनांक और चंद्रमा का समय

गणपति की स्थापना और पूजा का समय: शुभ पूजा मुहूर्त समय 10 सितंबर दिन बुधवार को श्याम 03:40 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक शुरू होगा

10 सितंबर दिन बुधवार को चंद्रमा न देखने का समय: श्याम 03:40 बजे से रात 09:05 बजे तक

Ganesh Chaturthi in Hindi 2025 व्रत के अनुष्ठान कैसे करें

गणेश चतुर्थी के व्रत की किसी भी विधि की कोई बड़ी तैयारी नहीं है। प्रात:काल अपने सभी कार्य छोड़कर भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा के समक्ष ध्यान करें, धूप करें और घी का दहन करें। भगवान गणेश की आरती और गणेश मंत्र के जाप से भगवान गणेश बहुत प्रसन्न होते हैं।

गणेश जी को लड्डू का भोग लगाना चाहिए और दिन में सामान्य व्रत के अनुसार भगवान गणेश को विशेष सुख की प्राप्ति होती है। रात्रि में एक बार फिर से भगवान गणेश का ध्यान करना चाहिए और भगवान गणेश के वचनों के उच्चारण से जीवन के कष्ट दूर होने लगते हैं।

गणेश जी को विघ्नहर्ता माना जाता है, इसी के लिए गणेश चतुर्थी के दिन कुंडली मिलन जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत करना लाभदायक होता है |

भगवान गणेश अपने हर भक्त पर हमेशा कृपा बनाए रखें। गणपति बप्पा मोरया।

Ganesh Chaturthi in Hindi पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs): 

1. गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है?

इस त्योहार को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
पौराणिक मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती ने गणेश जी की 
सृष्टि की थी।
यह विद्या, बुद्धि और समृद्धि का प्रतीक है।

2. गणेश चतुर्थी कब तक चलती है?

1.5 दिन (29 अगस्त सुबह से 30 अगस्त दोपहर तक)।
महाराष्ट्र और अन्य क्षेत्रों में 10 दिनों (29 अगस्त से 11 सितंबर) तक उत्सव मनाया जाता है।

3. गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है?

29 अगस्त 2025, सुबह 10:29 बजे से 12:43 बजे तक (मध्याह्न काल)।
सुबह 11:00 AM से 1:00 PM तक विशेष शुभ समय।

4. घर पर गणेश पूजा कैसे करें?

सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
गणेश मूर्ति स्थापित करें और फूल, मोदक, दूर्वा घास अर्पित करें।
"ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप करें।
आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

5. गणेश चतुर्थी पर क्या भोग लगाएं?

मोदक (गणेश जी का प्रिय भोग), लड्डू, नारियल।
दूर्वा घास (21 गांठें), फूल, फल।

6. क्या गर्भवती महिलाएं गणेश पूजा कर सकती हैं?

हाँ, लेकिन मूर्ति स्थापना से पहले पुजारी से संपर्क करें।
छोटी मूर्ति (2-3 इंच) का उपयोग करें और विसर्जन न करें (मिट्टी/धातु की मूर्ति घर पर रखें)।

7. गणेश विसर्जन कब करें?

1.5 दिन व्रत: 30 अगस्त को विसर्जन।
10 दिन व्रत: 11 सितंबर (अनंत चतुर्दशी) को विसर्जन।

8. गणेश 
चतुर्थी पर क्या न करें?

मूर्ति स्थापना के समय चंद्रमा न देखें (चतुर्थी तिथि पर चंद्रदर्शन वर्जित)।
तुलसी पत्ता भोग में न डालें।

भक्ति भाव और उत्सव का अनुभव करें – पढ़ें और भी आकर्षक आर्टिकल्स : Ganesh Chaturthi 2025 |  | Why Ganesh Chaturthi is Celebrated for 10 Days | गणेश चतुर्थी 10 दिनों तक क्यों मनाई जाती है? | Ganpati Aarti

 


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