आज के ऑफर : 300Rs तक के रिचार्ज पर 10% EXTRA और 500Rs या उससे ऊपर के रिचार्ज पर 15% EXTRA प्राप्त करें।

रणकपुर जैनियों का मशहूर मंदिर

रणकपुर मंदिर - जैनियों का मशहूर मंदिर

मंदिरों के बारें में जानना भी उसी धार्मिक काम की तरह है जिसे उन कामों में शामिल किया जाता है जिससे भगवान की भक्ति कका अनुभव होता है। देश में लाखों की संख्या में मंदिर में जिनमें से हम अपने जीवन में कुछ में जा पाते है। क्योंकि हम सभी अपने जीवन में कराफी बिज़ी रहते है और कारण यह भी है कि प्रसिद्ध मंदिर लेकिन फिर भी बहुत से मंदिर काफी दूर भी है। लेकिन उन तक घर बैठे पहुंचने में हम आपकी सहायता कर सकते है।

आइए आपको बतातें है एक प्रसिद्ध मंदिर के बारें में जो राजस्थान में मौजूद है। राजस्थान में अरावली पर्वत की घाटियों पर रणकपुर नाम का एक विशाल जान मंदिर है। इस मंदिर की भव्यता काफी लोकप्रिय है। जिसे जैन व्यापारी सेठ धरना और मेवाड़ के शासक राणा कुम्भा ने प्रभु के लिए अपनी भक्ति का विस्तार देते है। यह मंदिर पांच जैन मंदिरों में से एक है। मंदिर में प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की मूर्ति विस्थापित है और भगवान ऋषभ देव की मूर्ति भी मंदिर में स्थापित है।

 

रणकपुर जैन मंदिर का इतिहास

बताया जाता है कि इस मंदिर को 1446 विक्रम संवत में बनाया शुरू किया गया और मंदिर का काम 50 सालों तक चला और काफी मोटा पैसा खर्च कर रणकपुर मंदिर को बनाया गया। बता दें उस समय में इस मंदिर को लगभग 1 करोड़ रूपयों के खर्च पर तैयार कराया गया।

जानिए अपनी कुंडली का सटीक आंकलन हमारे जाने माने प्रसिद्ध ज्योतिष्यो द्वारा। अभी बात करने के लिए यहाँ क्लिक करें 

वहीं इस मंदिर की ज़िम्मेदारी सन् 2010 एक ट्रस्ट को दे दिया गया। तब से ट्रस्ट ही मंदिर की सभी की सभी ज़रूरत को पूरा करता है।

 

रणकपुर जैन मंदिर की खूबसूरती

इस मंदिर क सबसे बड़ी खासियत है कि मंदिर में 1,444 खंभे बने हुए जो मंदिर के चारों स्थापित है। इसमें खासिय़त यह है कि मंदिर में इतने ज्यादा खंभे होने बावजूद भी भगवान के दर्शन करने में कोई भी बाधा नहीं आती है। खंभों में विशेष तरह की आकृतियों से सुशोभित किया गया है। जिससे मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लग जाते है। 

आपको बता दें कि मंदिर जो लोग दर्शन के लिए आते है उन्हें 84 योनियों से मुक्ति मिल जाती है और प्रभु के इस धाम पर जाकर दिल को सुकून मिलता है।

यहां पर संगमरमर पर भगवान ऋषभ देव के पद चिन्ह भी बनें हुए है। जिनके दर्शन मात्र के लिए लोग तरसते है। रणकपुर में भगवान आदिनाथ की प्रतिमा संगमरमर पत्थर पर 50 फुट की बनी हुई है। मंदिर के चार दरवाजे जिस कारण इस मंदिर को चर्तुमुखी मंदिर कहा जाता है।

 

कैसे पड़ा रणकपुर जैन मंदिर का नाम

इस मंदिर के नाम के पीछे के कहानी छिपी हुई है कहा जाता है राणा कुम्भा को एक रात में भगवान ने दर्शन दिए और उन्होंने भगवान ऋषभ के दर्शन पाकर उनके मंदिर बनाने का निश्च किया और इसलिए राणा कुम्भा के नाम पर मंदिर का नाम रख दिया गया।

इस पवित्र मंदिर के दर्शन के लिए जैन धर्म के साथ अन्य धर्मों के लोग भी आते है। इसकी सुन्दरता को देखने के लिए व्यस्त जीवन में समय निकाल कर ज़रूर जाए।

जानिए अपनी कुंडली का सटीक आंकलन हमारे जाने माने प्रसिद्ध ज्योतिष्यो द्वारा। अभी बात करने के लिए यहाँ क्लिक करें


Recently Added Articles
Vivo IPL 2020 Schedule - आईपीएल 2020 का पूरा शेड्यूल, टाइमिंग, ऑक्शन
Vivo IPL 2020 Schedule - आईपीएल 2020 का पूरा शेड्यूल, टाइमिंग, ऑक्शन

आईपीएल 2020 भारत क्रिकेट कंट्रोल द्वारा स्थापित किया गया 20-20 क्रिकेट लीग का 13 सीजन होने जा रहा हैं।...

IPL इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टॉप-5 बॉलर
IPL इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टॉप-5 बॉलर

IPL(Indian Premier League) 2008 में अपनी शुरुआत के बाद से ने हमेशा भारत और दुनिया भर में क्रिकेट प्रशंसकों की कल्पना पर कब्जा कर लिया है।...

IPL इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाज
IPL इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाज

अभी तक आईपीएल (IPL) के 12 साल के इतिहास में बोलिंग और बैटिंग केटेगरी समेत बहुत से रिकॉर्ड बने हैं। एक ओर सर्वाधिक रनों का रिकॉर्ड इंडियन कप्तान विराट ...

Jupiter Transit 2020 -  धनु से मकर राशि में बृहस्पति का राशि परिवर्तन  तिथि व समय
Jupiter Transit 2020 - धनु से मकर राशि में बृहस्पति का राशि परिवर्तन तिथि व समय

साल 2020 के अंदर बृहस्पति ग्रह अपने घर में परिवर्तन करते हुए नजर आएँगे। धनु से मकर राशि में होने वाला बृहस्पति ग्रह का यह परिवर्तन कुछ राशियों के लिए...


2020 आपका साल है! अब अपनी पूरी रिपोर्ट प्राप्त करें और जानें कि 2020 में आपके लिए कौन से नियम छिपे हैं
पहले से ही एक खाता है लॉग इन करें