एस्ट्रोस्वामीजी की ओर से नववर्ष 2020 की हार्दिक शुभकामनाये! अभी साइन-अप करे और पायें 100 रु का मुफ्त टॉक-टाइम ऑनलाइन ज्योतिष परामर्श पर!

Makar Sankranti 2021 - कब है मकर संक्रांति और कैसे करनी चाहिए इस दिन पूजा

मकर संक्रांति, जिसे हम मकर संक्रान्ति भी कह सकते है। जबकि इस त्योहार को माघी के रूप में भी जाना जाता है, जो हिंदू कैलेंडर में देवता सूर्य के संदर्भ में एक त्योहार का दिन है। यह प्रत्येक वर्ष जनवरी में मनाया जाता है। मकर संक्रांति का यह पावन पर्व भारत ही बल्कि नेपाल में भी धूम धाम से मनाया जाता है।

मकर संक्रांति उन कुछ प्राचीन भारतीय त्योहारों में से एक है जो सौर चक्रों के अनुसार देखे गए हैं, जबकि अधिकांश त्योहार हिंदू कैलेंडर के चंद्र चक्र द्वारा निर्धारित किए गए हैं। हर साल (14 जनवरी) को उसी ग्रेगोरियन तिथि पर यह त्योहार पूरे देश भर में मनाया जाता है लेकिन कभी लीप वर्ष में यह तारीख ऊपर नीचे हो जाती है। मकर संक्रांति से जुड़े त्योहारों को उत्तर भारतीय हिंदुओं और सिखों द्वारा माघी या लोहड़ी जैसे विभिन्न नामों से जाना जाता है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में मकर संक्रांति को (पेद्दा पांडगा), मध्य भारत में सुकरात, माघ बिहुबी असमिया, और तमिलनाडु में यह पोंगल के रूप में मनाया जाता है। निम्न श्लोक से स्पष्ट होता है-

माघे मासे महादेव: यो दास्यति घृतकम्बलम।

स भुक्त्वा सकलान भोगान अन्ते मोक्षं प्राप्यति॥

2021 मे कब है मकर संक्रांति

साफ़ है कि अगले साल जनवरी में यह त्योहार मनाया जाने वाला है। लेकिन वैदिक हिन्दू ज्योतिष के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व 2021 में 14 जनवरी को ही मान्य होगा।

मकर संक्रांति पर्व तिथि व मुहूर्त 2021

मकर संक्रांति 2021 - 14 जनवरी

संक्रांति काल - 07:19 बजे (14 जनवरी 2021)

पुण्यकाल - 07:19 से 12:31 बजे तक

महापुण्य काल - 07:19 से 09:03 बजे तक

संक्रांति स्नान - प्रात:काल, 14 जनवरी 2021

कैसे की जानी चाहिए पूजा

अब बात करते है पूजा कैसे की जानी चाहिए उसके बारे में। तो आपको बता दें कि मकर संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर तिल मिश्रित जल से स्नान किया जाना चाहिए। इसके बाद अच्छे और साफ़ सुथरे कपड़े पहनकर जहाँ पूजा की जानी है उस स्थल को अच्छे से साफ़ कर लें। फिर जमीन पर चंदन से कर्णिका सहित अष्टदल कमल बनाकर सूर्य भगवान आवाहन करके उन्हें स्थापित करें। इसके बाद सूर्य भगवान के पवित्र मंत्र का उच्चारण करना बहुत शुभ माना जाता है। इस प्रकार इस दिन नदी में स्नान करना भी बहुत पवित्र माना गया है।

मकर संक्रांति पर्व को और खास बनाने के लिये परामर्श करे इंडिया के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर्स से।

मकर संक्रांति का महत्व

अगर मकर संक्रांति के पर्व के महत्व की बात करें तो ऐसा सुनने को मिलता है कि इस शुभ दिन सूर्य भगवान अपने पुत्र शनिदेव से मिलने हेतु खुद उनके निवास स्थान पर जाते हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि शनिदेव ही मकर राशि के देवता हैं। इसी कारण इस त्योहार को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। वहीं कुछ सूत्रों के अनुसार महाभारत में पराक्रमी भीष्म पितामह ने अपने आपको त्यागने के लिये मकर संक्रांति के दिन को ही चुना था।


Recently Added Articles
Sawan 2021 : इस दिन होंगे सावन व्रत 2021 तिथि और महत्व
Sawan 2021 : इस दिन होंगे सावन व्रत 2021 तिथि और महत्व

हिंदू धर्म के अत्यंत पवित्र महीने सावन की शुरुआत 25 जुलाई 2021 से हो गई है। सावन का महीना महादेव को अर्पित होता है।...


QUERY NOW !

Get Free Quote!

Submit details and our representative will get back to you shortly.

No Spam Communication. 100% Confidentiality!!