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बुद्ध पूर्णिमा (Budh Purnima) को भगवान श्री गौतम बुद्ध से जोड़कर देखा जाता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन गौतम बुद्ध की जयंती भी होती है। वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा कहते हैं। इस तरह का उल्लेख शास्त्रों में मिल जाता है बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही भगवान गौतम बुद्ध को सत्य की प्राप्ति हुई थी। सालों तक जंगलों में भटकते हुए भगवान गौतम बुद्ध को इसी दिन सत्य की प्राप्ति हुई थी और भगवान बुद्ध ने इस दिन ही जाना था कि अप्प दीपो भव का अर्थ क्या होता है।
भगवान बुद्ध हमेशा अपने शिष्यों को बताते थे कि किसी के पीछे और किसी के बताए हुए रास्ते पर चलने से अच्छा है कि अपनी राह खुद खोजी जाए। यानी कि अपना दिया खुद बना जाए। अप्प दीपो भव का यही अर्थ होता है कि अपने दीये खुद बने। अपनी खुद की रोशनी पर चलते हुए यदि मंजिल को हम पाते हैं तो वह मंजिल हमारी मानी जाएगी। भगवान बुद्ध को मानने वाले लोगों की संख्या आज विश्व भर में कुछ 50 करोड़ 50 करोड़ हैं। यह लोग भगवान बुद्ध की जयंती धूमधाम से मनाते हुए नजर आते हैं। आइए जानते हैं भगवान गौतम बुद्ध की जयंती का मुहूर्त क्या है?
बुद्ध पूर्णिमा 2024 - 23rd मई
पूर्णिमा तिथि आरंभ - 07:47 (22 मई 2024)
पूर्णिमा तिथि समाप्त - 09:14 (23 मई 2024)
23 मई 2024 के दिन भगवान गौतम बुद्ध की जयंती है। इसी दिन श्रद्धालु बुद्ध पूर्णिमा का व्रत रखते हुए गंगा स्नान करते हुए नजर आएंगे। ज्योतिषीय दृष्टि से यह तिथि अत्यंत शुभ मानी जाती है और कई लोग online kundali in hindi के माध्यम से अपने लिए इस दिन के महत्व को भी समझते हैं। बुद्ध पूर्णिमा के मुहूर्त की बात करें तो वर्ष 2024 में बुद्ध पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 22 मई को 07:44 बजे से होगा, जबकि बुद्ध पूर्णिमा तिथि का समापन 23 मई 2024 को 09:14 बजे होगा।
गौतम बुद्ध को लेकर हिंदू में अलग-अलग कहानियां व्याप्त हैं। बता दें कि हिंदू धर्म में एक वर्ग ऐसा भी है जो भगवान गौतम बुद्ध को विष्णु का नवा अवतार बताता है। उत्तर भारत में कई जगहों पर गौतम बुद्ध को विष्णु का अवतार मानकर उनकी पूजा की जाती है और बुद्ध पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के इसी रूप की पूजा की जाती है और इन्हीं के लिए व्रत किया जाता है।
जबकि दूसरी तरफ दक्षिण भारत में गौतम बुद्ध को भगवान विष्णु का नवा अवतार नहीं माना गया है। भगवान बुद्ध मानने वाले लोगों की संख्या विश्व में काफी अधिक संख्या में है। भगवान गौतम बुद्ध शांति के दूत रहे हैं। भगवान गौतम बुद्ध जीवन के प्रारंभ से ही राज महल में रहे और राजाओं की तरीके से राज करते हुए नजर आए लेकिन जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब इन कामों बुद्ध भगवान का मोह खत्म हो गया और ईश्वर की प्राप्ति के लिए यह जंगलों में निकल गए थे। जंगलों में काफी समय तक भटकने के बाद गौतम बुद्ध को सत्य की प्राप्ति हुई थी।
भगवान गौतम बुद्ध के जीवन से हम सभी को कुछ बातें जरूर सीखनी चाहिए। आइए आपको बताते हैं कि भगवान गौतम बुद्ध के जीवन से क्या सीखा जा सकता है।
1. भगवान गौतम बुद्ध ने हमेशा अपने शिष्यों को यही सलाह दी कि वह अपने सत्य की खोज खुद करें। अप दीपो भव गौतम बुद्ध का सबसे प्रमुख सूत्र बोला जाता है। अपनी दीये खुद बने इसी को आधार मानकर गौतम बुद्ध शिष्यों को आगे सलाह देते थे।
2. भगवान गौतम बुद्ध अपने शिष्यों को शांतिपूर्वक रहने और जीवन में अच्छे कर्म करने की सलाह देते थे। बुद्ध भगवान अपने शिष्यों को बताते थे कि इस जीवन में हमें जो भी कुछ मिल रहा है वह हमारा नहीं है।किसी भी चीज का लालच नहीं करना चाहिए और अहंकारको त्याग कर ही व्यक्ति ईश्वर की प्राप्ति कर सकता है।